नवागत आईजी सुजीत पांडेय ने रविवार को मेरठ जोन का चार्ज संभाल लिया। सभी कप्तानों को खास निर्देश दिए कि पठानकोट एयरबेस पर हमले के बाद से गणतंत्र दिवस पर आतंकी साया है। उच्चस्तरीय सतर्कता बरतते हुए चप्पे-चप्पे पर पुलिस का पहरा रहना चाहिए।
आईजी जोन ने अपने पहले दिन मेरठ, हापुड़, गाजियाबाद, नोएडा, बुलंदशहर, बागपत, शामली, मुजफ्फरनगर और सहारनपुर के एसएसपी से फोन पर ही संपर्क करते हुए इन सभी जिलों की समस्याएं जानने के साथ गणतंत्र दिवस पर सुरक्षा प्रबंधों की जानकारी ली।
उन्होंने पंजाब के पठानकोट एयरबेस पर आतंकी हमले का हवाला देते हुए कहा कि जोन में भी हमें सजग रहने की जरूरत है। गणतंत्र दिवस पर आतंकी हमला हो सकता है। हमें सुरक्षा के मद्देनजर हर चुनौती को स्वीकार करना होगा।
26 जनवरी के बाद ही आना
नवागत आईजी जोन ने गणतंत्र दिवस की तैयारियों को प्राथमिकता देते हुए सभी कप्तानों को निर्देश दिए हैं कि वे फिलहाल अपना पूरा ध्यान सुरक्षा इंतजाम मजबूत करने पर ही लगाएं।
किसी भी कप्तान को मेरे पास आने की जरूरत नहीं है। गणतंत्र दिवस सकुशल संपन्न होने के बाद ही वे मुझसे मुलाकात करें।
पांच इश्यू नहीं बता पाए एसपी बागपत
आईजी ने बागपत एसपी से फोन पर उनके जिले के पांच इश्यू के बारे में पूछा। एसपी द्वारा नहीं बता पाने पर आईजी ने नाराजगी जतायी। आईजी का कहना कि टारगेट बनाकर काम करने से सफलता आसानी से मिलती है। उसके बाद सभी कप्तानों से उनके जिलों की व्यवस्थाओं और समस्याओं की जानकारी ली।
गाड़ी की तलाश करो
नोएडा से आईजी आईटीबीपी की चोरी हुई गाड़ी पर जोन की पुलिस अलर्ट रहे। पुलिस को सूचना मिली कि गाड़ी मेरठ जोन में आयी है। जिसके चलते सभी जिलों की पुलिस अलर्ट रहे। इस गाड़ी को तलाश करना भी चुनौती है। इस तरह के निर्देश आईजी जोन ने सभी कप्तानों को दिए।
एसटीएफ की तर्ज पर जोन में एक्सपर्ट टीम
नवागत आईजी सुजीत पांडेय ने एसटीएफ की तर्ज पर जोन में एक्सपर्ट पुलिस टीम बनाने की बात कही है। जिसमें इंस्पेक्टर और दरोगाओं के अलावा करीब 20 सिपाही होंगे। यह टीम सिर्फ क्राइम कंट्रोल पर काम करेगी।
पौने दो साल स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) का अनुभव आईजी सुजीत पांडेय के लिए जोन में काम आएगा। रविवार को उन्होंने पत्रकारों से मुखातिब होते हुए बताया कि एसटीएफ में फोर्स की संख्या सीमित होती है। उसके बावजूद सफलता का प्रतिशत अधिक है।
एसटीएफ ने टारगेट बनाकर एक के बाद एक कई कुख्यात बदमाश सलाखों के पीछे पहुंचाए। मेरा प्रयास है कि एसटीएफ की तर्ज पर जोन स्तर पर सिविल पुलिस की एक्सपर्ट टीम का गठन किया जाए। ताकि वह बड़े मिशन पर भी काम कर सकें।
उन्होंने बताया कि मेरठ में दस्ते बहुत हैं, लेकिन उनमें काम करने वाला कोई नहीं। यह एक्सपर्ट टीम बदमाशों पर शिकंजा कसने के साथ ही आईएसआई एजेंटों पर भी निगाह रखेगी।
पुलिस की साख प्राथमिकता
आम जनता की नजर में पुलिस की साख बरकरार रखना प्राथमिकता है। लोगोें की समस्याएं जल्द निपटाने का प्रयास होगा। निचले से अधिकारी स्तर तक की जिम्मेदारी तय होगी। ताकि जनता में पुलिस का विश्वास बढ़े।
थानेदारों की मनमानी बर्दाश्त नहीं
थानेदारों के चार्ज में कोई हस्तक्षेप नहीं होगा। लेकिन मनमानी कतई बर्दाश्त नहीं होगी। काम करने वालों को प्राथमिकता मिलेगी। शिकायत आने पर एसओ, सीओ, एसपी और एसएसपी से जवाब-तलब होगा। जरूरत पड़ी तो कड़ी कार्रवाई भी करूंगा। जो पुलिसकर्मी अपराध या भ्रष्टाचार में लिप्त हैं, उनका वेरीफिकेशन कराकर कार्रवाई की जाएगी।