जैसा अमर उजाला ने प्रकाशित किया, वैसा ही हुआ। बसपा ने मेरठ कैंट विधानसभा सीट से सतेंद्र सोलंकी को उम्मीदवार घोषित कर दिया। सोलंकी को पहले सरधना से उम्मीदवार बनाया गया था। अब पार्टी सरधना से मुस्लिम उम्मीदवार घोषित करने की तैयारी में है।
बसपा इन दिनों उम्मीदवारों को बदलने का खेल खेल रही है। सरधना से घोषित उम्मीदवार संजीव धामा और कैंट से प्रत्याशी शैलेंद्र चौधरी का टिकट काटा, साथ ही पार्टी से भी बाहर कर दिया।
दोनों पर पार्टी विरोधी गतिविधियों में लिप्त रहने और अनुशासनहीनता का आरोप लगा। हालांकि दोनों ने क्या अनुशासनहीनता की या पार्टी के खिलाफ कौन सा काम किया, इसका कोई जिक्र नहीं किया।
संजीव का टिकट कटते ही बरनावा से विधायक रहे सतेंद्र सोलंकी को सरधना से टिकट दे दिया गया, जबकि वह कैंट से जोर लगा रहे थे। जैसे ही कैंट से शैलेंद्र का पत्ता साफ हुआ, सोलंकी ने पूरी ताकत झोंक दी।
परिणाम यह निकला कि सोमवार को हापुड़ में हुई समीक्षा बैठक में पार्टी के वेस्ट यूपी प्रभारी नसीमुद्दीन सिद्दीकी ने उन्हें मेरठ कैंट से उम्मीदवार घोषित कर दिया। इसके अलावा खुर्जा सीट से अर्जुन सिंह को प्रत्याशी बनाया गया है।
सरधना सीट पर मुस्लिम उम्मीदवार!
अब यह चर्चा और प्रबल हो गई है कि सरधना में बसपा मुस्लिम उम्मीदवार पर दांव खेलने जा रही है। हाजी याकूब कुरैशी को भी पार्टी आला कमान दक्षिण से हटाकर सरधना भेजने के मूड में है, पर याकूब वहां जाने को तैयार नहीं।
चूंकि पूर्व सांसद हाजी शाहिद अखलाक की वापसी की रूपरेखा तैयार हो चुकी है, ऐसे में माना जा रहा है कि दक्षिण और सरधना के बीच जमकर जोर आजमाइश होगी। क्योंकि शाहिद की दिलचस्पी भी दक्षिण में ही है।
20 मार्च को होंगी कई घोषणाएं
20 मार्च को मेरठ में मंडल समीक्षा होने जा रही है। तब कई और उम्मीदवारों की घोषणा हो सकती है। किठौर से गजराज सिंह की घोषणा की रस्म अदायगी भर रह गई है। सरधना पर भी पार्टी इशारा कर सकती है, तो इसी दिन शाहिद अखलाक की वापसी हो सकती है।