चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय के परीक्षा फॉर्म की समस्या बढ़ती जा रही है। अर्थशास्त्र विषय से एमए फर्स्ट ईयर करने वाले छात्र का सेकेंड ईयर में अंग्रेजी विषय का फॉर्म खुल रहा है। डाटा ऐसा मिक्स हुआ है कि छात्र घनचक्कर बन गए हैं।
साइबर कैफे जा-जाकर परेशान हैं, लेकिन फार्म नहीं भरा जा रहा। शनिवार को छात्रों ने विवि में हंगामा किया। रजिस्ट्रार और परीक्षा नियंत्रक से छात्र मिले।
लिखित प्रार्थना पत्र देने वालों की लाइन लगी रही। फार्म नहीं खुलने और सबमिट नहीं होने की शिकायतें लगातार आ रही हैं। तीन दिन बाद भी हालात नहीं बदले हैं। विवि के अधिकारियों ने फार्म की समस्या 24 घंटे में दूर करने की बात कही है।
25 फरवरी से विवि मुख्य परीक्षा 2016 के रेग्युरल और प्राइवेट परीक्षा फॉर्म भरवा रहा है। फॉर्म ऑनलाइन भरे जाने हैं। किसी का फार्म खुल नहीं रहा तो किसी का डाटा ही गड़बड़ है। गैप ईयर, बैक परीक्षा, सिंगल विषय छात्रों के फॉर्म नहीं खुल रहे। ग्रेजुएशन प्राइवेट फर्स्ट ईयर के फॉर्म नहीं खुल रहे हैं।
शनिवार को छात्र नेता सम्राट मलिक के नेतृत्व में मेरठ कॉलेज, डीएन कॉलेज, एनएएस कॉलेज और मोदीनगर स्थित एमएम कॉलेज के छात्र-छात्राओं ने फॉर्म नहीं खुलने पर विवि में प्रदर्शन किया। अधिकारियों से मिले। आरोप लगाया कि बैक परीक्षा देने वाले छात्रों का फार्म नहीं खुल रहा।
उधर, छात्र नेता विनीत चपराना ने परीक्षा नियंत्रक वीके सिन्हा का घेराव किया। फॉर्म नहीं खुलने की शिकायत दर्ज कराई। विवि के सहायक प्रेस प्रवक्ता डा. प्रशांत कुमार का कहना है रविवार तक सभी समस्याओं को दूर कर दिया जाएगा। कंपनी को शिकायतों के मद्देनजर निर्देश दे दिए गए हैं।
साइबर कैफों में भीड़, विवि में लाइन
परीक्षा फॉर्म भरने में आ रही परेशानी की वजह से साइबर कैफों में भीड़ है। फॉर्म नहीं खुलने पर छात्र कई-कई बार कैफे जा रहे हैं। उधर, विवि में प्रार्थना पत्र देने वालों की लाइन लगी है। नोएडा से लेकर बुलंदशहर और सहारनपुर तक के छात्रों को विवि के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं। समय बर्बाद होने के साथ उनकी जेब पर भारी पड़ रहा है।