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नहीं खुल रहे परीक्षा फार्म, छात्र परेशान

Sat, 27 Feb 2016 02:31 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, मेरठ
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चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय के रेग्युलर और प्राइवेट फॉर्म भरने में छात्रों के पसीने छूट रहे हैं। कुछ छात्रों के फॉर्म खुल नहीं रहे तो कुछ का डाटा ही गड़बड़ हो गया। रेग्युलर ही नहीं प्राइवेट छात्रों के डाटा में भी गड़बड़ी सामने आ रही है।
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विवि प्रशासन इसका ठीकरा कॉलेज और छात्रों पर फोड़ रहा है। ईमेल से मांगी जा रही शिकायतों का समाधान नहीं हो रहा। एक-दो दिन में स्थिति नहीं सुधरी तो हंगामा तय है। छात्रों ने फार्म नहीं खुलने पर विवि आना शुरू कर दिया है। उनसे लिखित प्रार्थना पत्र लिए जा रहे हैं।

विवि ऑनलाइन मुख्य परीक्षा के यूजी और पीजी के रेग्युलर और प्राइवेट परीक्षा फॉर्म भरवा रहा है। कहने को तो विवि ने एकसाथ फार्म ओपन कर दिए हैं, लेकिन सब फार्म नहीं खुल रहे। रेग्युलर और प्राइवेट दोनों फार्म में समस्या आ रही है। सिंगल विषय के फार्म ओपन नहीं हो रहे।
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प्राइवेट के फार्म भी नहीं खुल रहे। कुछ छात्र ऐसे हैं जिनके डाटा में गड़बड़ी हो गई है। उन्होंने जिस विषय का फार्म भरा था, उसके अलावा दूसरे विषय का डाटा आ रहा है।

इसमें गलती छात्र की बताई जा रही है, जबकि उसके पास मार्कशीट है। इसी तरह रेग्युलर के डाटा में गड़बड़ी की शिकायत है। प्रार्थना पत्र देने वालों की भीड़ लगने लगी है। छात्रों के लिए राहत की बात यह है कि कंपनी के प्रतिनिधि विवि कैंपस में ही बैठ रहे हैं, जिससे शिकायत दूर करने में कम्युनिकेशन की दिक्कत नहीं आएगी।  

सिस्टम ऑनलाइन, शिकायत प्रार्थना पत्र से
विवि ने ऑनलाइन सिस्टम अपना जरूर रखा है, लेकिन शिकायतों का समाधान ऑनलाइन नहीं हो रहा। मेरठ और सहारनपुर मंडल के छात्र फुटबाल बन रहे हैं। अगर शिकायत दूर करना चाहते हैं तो उसके लिए लिखित में प्रार्थना पत्र देना होगा। अधिकारियों के चक्कर लगाने होंगे, तब काम होगा। कॉलेज भी विवि को सपोर्ट नहीं कर रहे। वह जरा सी भी समस्या के लिए छात्रों को विवि भेज देते हैं।

कहां गया डाटा
छात्रों के डाटा में गड़बड़ हुई है। विवि ने इस बार ऑनलाइन काम करने वाली कंपनी बदली है। एक कंपनी से दूसरी को डाटा ट्रांसफर हुआ है। इस बीच कुछ डाटा गायब है। इसका खामियाजा न तो कंपनी को भुगतना है और न ही विवि को। परेशानी छात्र को झेलनी पड़ेगी।

फर्स्ट ईयर में मांगा माइग्रेशन
फॉर्म भरने के दौरान एक शिकायत ग्रेजुएशन फर्स्ट ईयर में माइग्रेशन मांगने की आ रही थी। कंपनी ने फार्म में यह कंपलसरी कर दिया था। शिकायत पर यूपी बोर्ड के छात्रों को इसमें छूट दी गई है। शुक्रवार को फार्म नहीं खुलने की शिकायत अधिकारियों से लेकर कर्मचारियों तक के फोन पर लगातार आती रही।
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