ग्रेटर नोएडा एक्सपो मार्ट के सभागार में बुधवार को हुई मंडलीय समीक्षा बैठक में मंडलायुक्त आलोक सिन्हा ने कहा कि जाम से निजात के लिये मंडल के शहरों का ट्रैफिक प्लान सभी चौराहों और मार्गों को चिह्नित कर बनाया जाए। समय से काम शुरू नहीं हुआ तो स्थिति और खराब होगी। इस तरह के प्लान पर मेरठ विकास प्राधिकरण पहले से ही काम कर रहा है। यहां चार चौराहों को सेंट्रल रोड रिसर्च इंस्टीट्यूट की रिपोर्ट के बाद अपग्रेड किया जा रहा है।
बैठक में कमिश्नर ने कहा कि इस प्लान पर संयुक्त कार्यवाही करते हुए पुलिस, नगर पालिका, प्राधिकरण, परिवहन विभाग, जिला प्रशासन और अन्य विभागों के साथ स्वैच्छिक संस्थाओं की सहभागिता भी की जाए। वहीं, ट्रैफिक पुलिस द्वारा वाहन चालकों को निरंतर प्रशिक्षण दिए जाएं। उन्होंने मंडल के सभी विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिया कि लक्ष्य के अनुसार कार्ययोजना बनाकर 31 मार्च तक हर हाल में 100 फीसदी योजनाएं पूर्ण करें। मंडल प्रदेश में सभी कार्यक्रमों में वर्तमान में पहले स्थान पर है। राष्ट्रीय कृषि विकास योजना में बुलंदशहर और गाजियाबाद की प्रगति अन्य जिलों व मानक से कम है। इसके लिये अधिकारी विशेष प्रयास करें।
कामधेनु की मार्केेटिंग का इंतजाम करें
मंडलायुक्त ने कहा कि कामधेनु योजना स्थापित हो चुकी है। इसकी मार्केटिंग की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। इसके अलावा जननी सुरक्षा योजना, राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य योजना का लाभ पात्रों तक पहुंचे। बैठक में डीएम मेरठ पंकज यादव, गाजियाबाद विमल कुमार शर्मा, बुलंदशहर से बी चंद्रकला, गौतमबुद्धनगर से एनपी सिंह, बागपत से अजय दीप सिंह, हापुड़ से अनिल ढींगरा, सीडीओ मेरठ नवनीत चहल, गाजियाबाद से कृष्ण करुणेश, बुलंदशहर से चुनकू राम पटेल, गौतमबुद्धनगर से माखनलाल गुप्ता, बागपत से जेपी रस्तोगी, हापुड़ से कुणाल सिल्कू आदि मौजूद रहे।