शताब्दीनगर में भारतीय दलित विकास संस्थान के तत्वावधान में विचार गोष्ठी हुई। अध्यक्ष डॉ. चरण सिंह लिसाड़ी ने कहा कि जेएनयू की घटना राष्ट्र विरोधी है, वहीं कई नेताओं द्वारा इस प्रकरण का समर्थन करना शर्मनाक है।
पीएनबी के पूर्व अधिकारी ब्रजेश्वर नीमि ने कहा कि सरकार ने सही कदम उठाया है। राष्ट्र विरोधी कृत्य किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं किया जाना चाहिए। एससीएसटी संघ के पूर्व अध्यक्ष डॉ. मनोज जाटव ने कहा देश के प्रतिष्ठित विश्वविद्यालय में इस तरह का कृत्य होना शहीदों का अपमान है।
जगमोहन बौद्ध, बिजेंद्र सागर, देवेंद्र विराट, परमानंद तोमर, सुंदर लाल वर्मा, ब्रह्मपाल, मोहर सिंह आजाद, अनिल कुमार, ज्ञानेंद्र सिंह, चंद्र किरण, दलवीर सिंह, वीर सिंह मौजूद रहे।
घटना की उच्च स्तरीय जांच की मांग
जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय में 4 फरवरी को छात्रों द्वारा भारत के खिलाफ की गई नारेबाजी के विरोध में कृषि विवि के छात्रों ने हाईवे पर जेएनयू प्रशासन और आतंकवाद का पुतला फूंका।
छात्र नेता विनीत लाटियाडन के नेतृत्व में विवि के छात्र मोदीपुरम हाईवे पर एकत्र हुए। विनीत ने घटना की उच्च स्तरीय जांच की मांग की। इस संबंध में एक ज्ञापन विवि छात्रों द्वारा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भेजा गया। अंकित शर्मा, रणविजय सिवाच, अंकुश तालियान, सुनील, राहुल शर्मा, ज्ञान सिरोही, अनिल यादव, विश्वेंद्र, राहुल भड़ाना, रविंद्र भड़ाना आदि मौजूद रहे।
पत्रकारों पर हुए हमले की निंदा
जिमखाना मैदान अपार चैंबर में यूडीएफ सेक्युलर की बैठक हुई। इसमें वक्ताओं ने दिल्ली पटियाला कोर्ट में पत्रकारों पर हुए हमले की निंदा की। अध्यक्षता भवानी प्रसाद ने की और संचालन डॉ. नासिर ने किया।
राष्ट्रीय अध्यक्ष चौ. सरताज एडवोकेट ने कहा कि इस प्रकरण की शिकायत राष्ट्रपति से पत्र के माध्यम से की जाएगी। गोंडा के रामचंद्र, बस्ती के सूर्य कुमार तिवारी ने भी विचार व्यक्त किए। ममता सिंह, जितेंद्र सिंह, श्रीपाल, डॉ. अब्दुल सलाम आदि मौजूद रहे।