फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

जांच कमेटी करेगी मौत के जिम्मेदारों काे बेनकाब

Thu, 18 Feb 2016 02:54 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला मेरठ
विज्ञापन
विज्ञापन
सहारनपुर निवासी एमबीबीएस इंटर्न संजीत सिंह की मौत के मामले में मेडिकल कॉलेज और जिला प्रशासन की छह सदस्यीय ज्वाइंट कमेटी गठित हुई है।
विज्ञापन


जो संजीत के इलाज में कोताही बरतने वाले सीनियर और जूनियर डॉक्टरों के अलावा इस मौत के बाद हुए बखेड़े के जिम्मेदार लोगों के खिलाफ भी रिपोर्ट देगी। कमेटी में मेडिकल कॉलेज प्रशासन की तरफ से पांच वरिष्ठ चिकित्सक तो जिला प्रशासन की तरफ से अपर नगर मजिस्ट्रेट (एसीएम) रितु पूनिया शामिल की गई हैं।

बुधवार को प्राचार्य डॉ. केके गुप्ता ने कॉलेज के सीनियर डॉक्टरों के साथ कमिश्नर आलोक सिन्हा और जिलाधिकारी पंकज यादव से मुलाकात की। प्राचार्य ने दोनों आला अफसरों को संजीत की मौत के बाद से मेडिकल कॉलेज अस्पताल में अभी तक हुए घटनाक्रम और कार्यवाही की विस्तृत जानकारी दी।
विज्ञापन


प्राचार्य ने जिलाधिकारी को अवगत कराते हुए अनुरोध किया कि इस पूरे प्रकरण में कॉलेज प्रशासन जांच कमेटी गठित करने जा रहा है, जिसमें जिला प्रशासन की तरफ से भी प्रशासनिक अफसर नियुक्त किया जाए।

डीएम ने प्राचार्य से कमेटी में शामिल चिकित्सक सदस्यों के नाम मांगते हुए कहा कि ये सदस्य टेक्निकल राय देने में एक्सपर्ट हों। ताकि जांच के दौरान ट्रीटमेंट से जुड़ी फाइलों पर चिकित्सा के लिहाज से अपनी राय दे सकें।

इसके बाद प्राचार्य ने मेडिकल प्रशासन की तरफ से पांच चिकित्सकों के नाम सौंपे। जिसके बाद डीएम ने जिला प्रशासन की तरफ से कमेटी में एसीएम रितु पूनिया को शामिल करने की बात कही।

‘पटरी पर लाने के भरपूर प्रयास’
प्राचार्य ने डीएम को भूख हड़ताल पर बैठे एमबीबीएस छात्रों से लेकर जूनियर डॉक्टरों की तरफ से की जा रही मांग को लेकर अभी तक उठाए गए कदमों की जानकारी दी। बताया कि जूनियर डॉक्टर ईएमओ डॉ. सचिन को हटाने की मांग कर रहे हैं।

उनका आरोप है कि संजीत की मौत के बाद ईएमओ ने एमबीबीएस के छात्रों को उकसाया, जिसके बाद उन्होंने इमरजेंसी में मारपीट की। जबकि छात्र लिखित तौर पर दे चुके हैं कि ईएमओ की तरफ से उन्हें ना उकसाया गया है और ना ही उनका इस प्रकरण में कोई लेना-देना है।

लेकिन फिर भी कॉलेज और अस्पताल को पटरी पर लाने के प्रयासों के तहत ईएमओ के खिलाफ लगे आरोपों की जांच के लिए अलग से तीन सदस्यीय जांच कमेटी गठित की जा चुकी है। जिसकी रिपोर्ट पर आगे की कार्रवाई होगी।

यह होगी ज्वाइंट जांच कमेटी
कमेटी के अध्यक्ष मेडिकल कॉलेज के वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. विनय अग्रवाल होंगे। जिसमें एसीएम रितु पूनिया, डॉ. सुधीर राठी, डॉ. सुभाष सिंह, डॉ. कृति व डॉ, आभा गुप्ता सदस्य होंगी।

जांच के बिंदु
संजीत की हालत किस वजह से बिगड़ी थी
उसे किस तरह के प्राथमिक इलाज की जरूरत थी, क्या इलाज मिला
11 फरवरी की रात इलाज को लेकर पूरा घटनाक्रम क्या रहा
किन-किन डॉक्टरों के पास संजीत उपचार के लिए गया
मेडिकल इमरजेंसी में किन डॉक्टरों की तैनाती थी, कौन अनुपस्थित था
मेडिकल अस्पताल में उसकी जांच का क्या निष्कर्ष रहा
संजीत को क्यों इलाज नहीं मिला
संजीत की मौत की मुख्य वजह क्या रही
किन चिकित्सकों की लापरवाही से संजीत की जान गई
मेडिकल कॉलेज प्रशासन ने क्या कार्यवाही की

जांच से जुड़े अन्य बिंदु
संजीत की मौत के बाद अस्पताल और इमरजेंसी में क्यों हालात बिगड़े
जूनियर डॉक्टरों और एमबीबीएस छात्रों की क्या मांगे रहीं
मेडिकल कॉलेज प्रशासन ने अभी तक क्या कार्यवाही की

कार्रवाई तय
कमिश्नर आलोक सिन्हा के साथ हुई मुलाकात के बाद मेडिकल कॉलेज प्रशासन को साफ संकेत मिल गए हैं कि संजीत की मौत के लिए जिम्मेदार जूनियर डॉक्टर से लेकर एचओडी पर कार्रवाई कर दी जाए।
विज्ञापन


ऐसे में कॉलेज प्रशासन कार्रवाई करने का पूरी तरह से मूड बना चुका है और जल्द ही कुछ लोगों पर गाज गिरने जा रही है। सूत्र बताते हैं कि जांच कमेटी की रिपोर्ट आने तक उन जूनियर डॉक्टरों को सस्पेंड करने की तैयारी है, जिनकी उस रात इमरजेंसी में ड्यूटी थी। जिस रात संजीत को इमरजेंसी में दिखाने के लिए लाया गया था।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें