पुलिस के मुताबिक, तीनों को दूरदराज जेल में शिफ्ट कर दिया है। उनकी पेशी वीडियो कांफ्रेंसिंग द्वारा कराए जाने की बात कही है। याकूब के अधिवक्ता हरिओम शर्मा का कहना है कि कोर्ट के आदेश पर वीडियो कांफ्रेंसिंग से पेशी कराई जाएगी। 21 जनवरी, 2022 को गैंगस्टर के मामले में जमानत के लिए कोर्ट में सुनवाई होनी है। उसमें तीनों पिता-पुत्र को कोर्ट में पेश नहीं किया जाएगा। वहीं, दूसरी ओर याकूब कुरैशी को कार्टूनिस्ट प्रकरण में बी-वारंट पर लेने के लिए अर्जी लगाई है। देहलीगेट थाने में तैनात विवेचक गजेंद्र सिंह ने बताया कि बृहस्पतिवार को बी-वारंट की अर्जी पर सुनवाई होगी।
हाजी याकूब कुरैशी और उनके बेटे न्यायालय में नहीं हुए पेश
आदेश के बावजूद न्यायालय में पेश न होने के मामले में न्यायालय द्वारा जारी वारंट पर याकूब कुरैशी और उनके दो बेटों फिरोज और मोहम्मद इमरान को मेरठ जेल से पेश नहीं किया गया। रिपोर्ट दी गई कि तीनों को सुरक्षा के चलते शासन द्वारा दूसरे जिलों में भेजे जाने के आदेश दिए थे।
अभियोजन अधिकारी शालू वर्मा ने बताया कि 2011 में थाना खरखौदा में दर्ज मुकदमे में स्पेशल सीजीएम की अदालत में पेश होने के लिए तलबी जारी की थी। शासन के आदेश के चलते याकूब कुरैशी को सोनभद्र जेल, उनके बेटे फिरोज को सिद्धार्थनगर जेल तथा मोहम्मद इमरान को बलरामपुर जेल में सुरक्षा के चलते शिफ्ट किया गया है। वहीं दो अन्य आरोपी मुजीब और फैजाब को न्यायालय में पेश किया गया। न्यायालय ने दोनों का वारंट बनाते हुए 27 जनवरी में पेश होने के आदेश दिए।
मिलाई के लिए परिवार के लोग रवाना
याकूब कुरैशी, इमरान और फिरोज के मुलाकात करने के लिए उनके परिवार और रिश्तेदार सोनभद्र, सिद्धार्थनगर, बलरामपुर के लिए रवाना हो गए। मेरठ जेल से शिफ्ट होने के बाद परिवार के लोग परेशान है और उनसे मुलाकात करने के लिए बेताब है। आराम की जिंदगी काटने वाले याकूब और उनके बेटों को पहली बार ही दूरदराज जेलों में रहना पड़ रहा है। डीजी जेल आनंद कुमार का कहना कि तीनों जेल अधीक्षकों को निर्देश दिए हैं कि अन्य बंदियों की तरह ही उनकी मिलाई कराई जाएं। बंदी पिता-पुत्रों की निगरानी की जा रही है कि उनके पास कौन-कौन मिलाई करने के लिए आ रहे हैं।