ई-रिक्शा वाले कैसे कमा रहे मुनाफा
आरटीओ में शहर की सड़कों पर दौड़ रहे सात हजार ई-रिक्शा दर्ज हैं। असल में इनकी संख्या 20 हजार के आसपास बताई जाती है। सवाल ये है कि एमसीटीसीएल घाटे में है और ई-रिक्शा की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है।
इलेक्ट्रिक बसों का किराया
0 से 3 किलोमीटर- 10 रुपये
3 से 6 किलोमीटर- 15 रुपये
6 से 10 किलोमीटर- 20 रुपये
10 से 14 किलोमीटर- 25 रुपये
14 से 19 किलोमीटर- 30 रुपये
19 से 24 किलोमीटर- 35 रुपये
24 से 30 किलोमीटर- 40 रुपये
30 से 36 किलोमीटर- 45 रुपये
36 से 42 किलोमीटर- 50 रुपये
किस रूट पर कितनी इलेक्ट्रिक बसें
मवाना - 15
सरधना- 9
सिटी स्टेशन- 3
किला - 1
कैली - 1
इन रूटों पर चल रहीं सीएनजी बसें
शहर में सिवाया-मोदीनगर, हापुड़ अड्डा-किठौर, भैसाली-सरधना, राधागोविंद इंजीनियरिंग कालेज-सिवाया, भैसाली-करनावल, भैसाली-हर्रा खिवाई व सिवालखास, खानपुर, सतवाई रूट पर करीब 80 बसों का संचालन हो रहा है।
घाटे के बावजूद जनहित में संचालन
मेरठ सिटी ट्रांसपोर्ट के तहत बसों के संचालन में काफी घाटा हो रहा है। इन बसों का संचालन लोगों की सुविधाओं को देखते हुए किया जाता है। कई रूटों पर घाटा है, लेकिन यात्रियों की कमी के बावजूद भी संचालन किया जाता है।
- मुकेश अग्रवाल, एआरएम वित्त, परिवहन निगम मेरठ
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सतवाई, सरधना और रतनपुरी से भी चलेंगी रोडवेज बसें
जल्द ही अब सतवाई, सरधना और रतनपुरी से भी रोडवेज बसों का संचालन शुरू हो सकेगा। इसके लिए परिवहन निगम ने अनुबंध की प्रक्रिया शुरू कर दी है। क्षेत्रीय प्रबंधक केके शर्मा ने बताया कि परिवहन निगम की ओर से अब 150 किलोमीटर की दूरी तक के लिए भी बसों का अनुबंध किया जाएगा। पहले मात्र 60 किलोमीटर तक ही बसों का अनुबंध किया जाता था। विभाग 24 सीएनजी बसों का अनुबंध करने जा रहा है, जिनका संचालन पांच रूटों से होगा। इनमें सतवाई से भोला, मेरठ होते हुए बस गाजियाबाद जाएगी। दूसरे रूट में सरधना से दौराला, मेरठ होते हुए कौशांबी और गाजियाबाद के लिए बसों का संचालन होगा। रतनपुरी से सरधना मेरठ होते हुए खुर्जा तक बसों का संचालन किया जाएगा। इन बसों को संचालन से देहात के लोगों को काफी लाभ पहुंचेगा। बढ़ते प्रदूषण को ध्यान में रखते हुए सभी बसें सीएनजी ही ली जाएंगी। इसके लिए परिवहन निगम की ओर से टेंडर निकाल दिया गया है।