आंधी और बारिश के कारण बुधवार रात से बृहस्पतिवार तक शहर में घरों, होटलों, मंडपों, उद्योगों और व्यापारिक प्रतिष्ठानों को भारी क्षति पहुंची। इससे करीब 138 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है। शहर के लोगों को 138 करोड़ से अधिक नुकसान हुआ।
काफी संख्या में स्थायी और अस्थायी निर्माण ध्वस्त हो गए। अचानक आंधी के कारण घरों में खिड़की, दरवाजे, सोलर प्लांट, पानी की टंकी, किचन गार्डन तक उजड़ गए। छावनी में सरधना रोड, कैंट स्टेशन, सेंट जोसफ स्कूल, बाईपास स्थित विभिन्न रिजार्ट और मंडपों में अस्थाई निर्माण ध्वस्त हो गए।
खैर नगर में दवा व्यापारियों को भी लाखों रुपये का नुकसान हुआ है। आंधी में बिजली ठप होने से डीप फ्रिजर, कोल्ड चेन सहित अन्य उपकरणों से काम कर दिया। इससे करीब 40 लाख रुपये का नुकसान माना जा रहा है। मंडप एसोसिएशन महामंत्री विपुल सिंघल ने बताया कि होटलों, रेस्टोरेंटों और मंडपों में ही करीब 24 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है। मंडपों में लगे सवावटी सामान, लाइट, चुन्नी, कपड़े, टीन, फाइबर के साथ दीवारें भी ढह गई।
150 गाड़ियां क्षतिग्रस्त होने पर उन्हें मरम्मत को भेजा
शहर में 150 से अधिक गाड़ियों पर होर्डिंग, वृक्ष, टंकी, लोहे के पाइप आदि गिरने के कारण क्षतिग्रस्त हो गईं। ऑटोमाेबाइल डीलर सिद्धार्थ जैन ने बताया कि उनके दोनों शोरूम 40 से अधिक क्षतिग्रस्त गाड़ियां आई हैं। उधर, दूसरे डीलर गौरव गुप्ता ने बताया कि आंधी में पेड़ गिरने के कारण काफी संख्या में गाड़ियां रिपेयरिंग के लिए पहुंचीं।
n ईंट भट्ठों में 15 करोड़ से अधिक का नुकसान
जिले में 150 ईट भट्ठे हैं। संचालक संजय गोयल गोदावरी ने बताया कि शहर में 150 भट्ठों में 15 करोड़ से अधिक का नुकसान हुआ है। पथाई के बाद रखी गई ईंट जलभराव होने के कारण गल गई। एनजीटी की गाइड लाइन के चलते 30 जून तक ही भट्ठे चलाए जा सकते हैं। चौधरी योगेश फौजी ने बताया कि बारिश के कारण ईंधन भी भीग गया। सतीश गुप्ता ने भी हालात पर चिंता जताई।