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सीबीआई ने गिरफ्तार सीजीएसटी अधीक्षक को भेजा जेल, गिरफ्तारी के बाद खुली विभाग में घूसखोरी की पोल

Sat, 14 Sep 2019 04:39 PM IST
Dimple Sirohi न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
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सीबीआई का छापा - फोटो : अमर उजाला
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सीबीआई की टीम ने मेरठ से गुरूवार रात तीन लाख की रिश्वत के साथ रंगे हाथ गिरफ्तार किए गए सीजीएसटी के अधीक्षक विकास कुमार को सीबीआई की विशेष अदालत में पेश किया। विशेष न्यायाधीश रेखा अग्निहोत्री की अदालत ने आरोपी अधीक्षक को 14 दिनों के लिए न्यायिक हिरासत में डासना जेल भेज दिया।
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सीबीआई की लोक अभियोजक मंजू तंवर ने बताया कि शुक्रवार दोपहर सीबीआई ने आरोपी अधीक्षक विकास कुमार निवासी डिफेंस एंक्लेव कंकरखेड़ा को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया। सीबीआई इंस्पेक्टर एसके पांडेय, सुनील सिंह व अजय गहलोत की टीम ने केस से जुड़े सबूत दिखाए।

उन्होंने कहा कि आरोपी सीबीआई को देखकर भागने लगा था। विकास कुमार के आवास से हालांकि कुछ हाथ नहीं लगा। उधर, बचाव पक्ष की ओर से अधिवक्ता मनोज शिशौदिया ने आरोपों को निराधार बताया। अदालत ने विकास को 26 सितंबर तक के लिए डासना जेल भेज दिया है।
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पीड़ित ठेकेदार अजय को धमकाने की कोशिश
हस्तिनापुर के तारापुर के रहने वाले अजय कुमार बिजली विभाग में ठेकेदार हैं। अजय कुमार ने बुधवार को सीबीआई से शिकायत की थी कि मेरठ के जली कोठी स्थित सीजीएसटी के ऑडिट सेल में तैनात अधीक्षक विकास कुमार उनकी ऑडिट रिपोर्ट को पास करने के लिए पांच लाख रुपये की रिश्वत मांग रहे हैं।

गुरूवार को सीबीआई ने विकास का फोन सर्विलांस पर लगाया। ठेकेदार अजय को पहली किश्त के रूप में तीन लाख रुपये लेकर अधीक्षक के पास जाने को कहा। अजय ने जैसे ही विकास को रिश्वत दी, सीबीआई ने रंगेहाथ गिरफ्तार कर लिया। छापा लगते ही सीजीएसटी विभाग के अधिकारी अजय कुमार को धमकाने लगे।

कार्यालय बंद होने के बाद लाना पैसे
सूत्रों ने बताया कि अजय कुमार ने अधीक्षक से रिश्वत देने के लिए संपर्क साधा तो उसने गुरूवार को ऑफिस बंद होने के बाद आने को कहा। अजय पहुंचे, तो वहां केवल विकास ही बचा था। विकास ने पूछा कितने लाए हो। अजय ने कहा जितने आपने मांगे थे। यह कहकर तीन लाख थमा दिए। विकास पैंट की जेब में रुपये रखने लगा, तभी सीबीआई ने धर लिया। सीबीआई ने उसके हाथ और पैंट केमिकल से धुलवाई तो उसने रंग छोड़ दिया।
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सीबीआई का छापा - फोटो : अमर उजाला
केंद्रीय वस्तु एवं सेवा कर लेखा परीक्षा आयुक्त का दफ्तर सीबीआई की रेड के बाद शुक्रवार को सन्नाटे में रहा। अधीक्षक विकास कुमार को रंगेहाथ गिरफ्तार किया, तो विभाग में घूसखोरी की पोल भी खुल गई। 

जलीकोठी स्थित सीजीएसटी आयुक्तालय की ऑडिट सेल में तैनात अधीक्षक विकास कुमार चौधरी को सीबीआई ने शुक्रवार तड़के 4:20 बजे गिरफ्तार किया। 10 घंटे तक सीबीआई ने दफ्तर में डेरा डाले रखा और विकास से पूछताछ की।

शुक्रवार को कर्मचारी दफ्तर पहुंचे, तो उनकी जुबान पर सीबीआई की कार्रवाई की ही चर्चा थी। अधिकांश अधिकारी शुक्रवार को ऑफिस नहीं पहुंचे। इंस्पेक्टर रैंक तक के अधिकारी ही दिखाई पड़े। माना जा रहा है कि विकास को रिमांड पर लेकर पूछताछ की जाएगी, तो कुछ और नामों का खुलासा हो सकता है। 

अन्य कर्मचारियों से भी की पूछताछ : सीजीएसटी दफ्तर में बृहस्पतिवार शाम पांच बजे सीबीआई ने रेड डाली। करीब पांच घंटे तक लगातार विकास और ऑडिट डिपार्टमेंट के कर्मचारियों सहित अन्य से पूछताछ की गई। ऑडिट डिपार्टमेंट के कर्मचारियों को रोका गया और बाकी कर्मचारियों को छोड़ दिया। सीबीआई ने करीब 12 बजे तक पूछताछ पूरी कर ली थी। 

बाहरी लोगों पर रोक
शुक्रवार सुबह कार्यालय में मीडिया और बाहरी लोगों पर रोक लगा दी गई। अधिकारियों ने कहा कि बहुत बदनामी हो गई, अंदर आने की किसी को इजाजत नहीं है। अफसरों ने बताया कि अधीक्षक के कार्यालय और घर में कई घंटे जांच के बाद सीबीआई कागजात और अन्य रिकॉर्ड ले गई है।
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