टोल पर फूंकी कृषि कानून की प्रतियां, कंकरखेड़ा थाने पर धरना
वहीं मेरठ में सिवाया टोल प्लाजा पर कृषि कानून के विरोध में भाकियू कार्यकर्ताओं ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। कृषि कानूनों की प्रतियां फूंकी गईं। हरियाणा में भाकियू कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिए जाने के विरोध में कंकरखेड़ा थाने पर धरना प्रदर्शन किया गया। जिलाध्यक्ष मनोज त्यागी ने कहा कि किसानों के साथ अन्याय बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
सिवाया टोल पर 11वें दिन भी धरना जारी रहा। भाकियू नेता सतीश ईलम सिंह, उज्ज्वल और महराज सिवाया ने कहा कि सरकार किसानों को दबाने के लिए छल कपट पर उतर आई है, लेकिन किसान पीछे नहीं हटेंगे। आसपास के गांव के किसान भी धरने पर पहुंचे और सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए कृषि कानूनों की प्रतियां फूंकी।
भाकियू नेताओं ने कलक्ट्रेट में फाड़ी कृषि कानूनों की प्रतियां
बिजनौर में भाकियू कार्यकर्ताओं ने कलक्ट्रेट परिसर में कृषि कानूनों की प्रतियां फाड़ीं। फसलों के न्यूनतम समर्थन मूल्य को बाध्यकारी कराने की घोषणा की गई। शनिवार को किसान कलक्ट्रेट में एकत्र हुए और कृषि कानूनों की प्रतियां फाड़ीं।
जिलाध्यक्ष कुलदीप सिंह ने कहा कि देश का किसान लंबे समय से कृषि कानूनों के विरोध में सड़कों पर प्रदर्शन कर रहा है। भारत सरकार किसानों की आवाज को लगातार अनसुना कर रही है। पिछले साल से देश का किसान दिल्ली के चारों ओर गाजीपुर, सिंघु, टिगरी बॉर्डर व पलवल पर डटा हुआ है। दिल्ली पुलिस द्वारा किसानों को दिल्ली में घुसने नहीं दिया जा रहा है। इससे ऐसा लगता है कि किसान इस देश का नागरिक नहीं है। उन्होंने कहा कि किसान केंद्र सरकार की इस हठधर्मिता को सहन नहीं करेगा। प्रधानमंत्री को संबोधित ज्ञापन डीएम कार्यालय में देकर न्यूनतम समर्थन मूल्य को बाध्यकारी करने के लिए कानून बनाने, तीनों कृषि कानून वापस लेने, गन्ना बकाया भुगतान ब्याज सहित कराने की मांग की गई।
भाकियू कार्यकर्ता पुलिस से उलझे
मुजफ्फरनगर में भारतीय किसान यूनियन के कार्यकर्ताओं ने तहसील सदर में प्रदर्शन कर कृषि कानूनों की प्रतियां फूंकीं। कलक्ट्रेट कूच करते हुए मीनाक्षी चौक पर भाकियू कार्यकर्ताओं की पुलिसकर्मियों से तीखी नोकझोंक हुई। यहां से बेरिकेडिंग को हटा दिए। महावीर चौक पर भाकियू कार्यकर्ताओं ने धरना दिया। प्रदर्शनकारी विद्युत अफसरों को बुलाने की मांग पर अड़ गए। इसके बाद अधिकारियों ने उन्हें समझाबुझा कर शांत किया।
तहसील सदर में भाकियू कार्यकर्ता जुलूस के रूप में पहुंचे। एसडीएम कार्यालय पर प्रदर्शन करते हुए प्रदर्शनकारियों ने यहां जमकर नारेबाजी की। भाकियू कार्यकर्ताओं ने यहां कृषि कानूनों की प्रतियां भी फूंकीं। इसके बाद यहां से जुलूस के रूप में कलक्ट्रेट के लिए कूच किया। आर्य समाज रोड से महावीर चौक होते हुए इनको कलक्ट्रेट जाना था, पुलिस फोर्स ने मीनाक्षी चौक पर ही बैरिकेडिंग करते हुए कार्यकर्ताओं को रोकने का प्रयास किया, यहां पर कार्यकर्ताओं की पुलिसकर्मियों के साथ धक्का-मुक्की हुई। भाकियू कार्यकर्ता बैरिकेडिंग को तोड़कर महावीर चौक की ओर बढ़ गए।
इसके बाद महावीर चौक पर भी बैरिकेडिंग कर पुलिस ने भाकियू कार्यकर्ताओं को रोक लिया। यहां भाकियू नेताओं की पुलिसकर्मियों के साथ काफी नोकझोंक हुई। एक पुलिस अफसर की बदसलूकी से आक्रोशित कार्यकर्ता क्षुब्ध होकर महावीर चौक पर कड़ी धूप में ही सड़क के बीच धरने पर बैठ गए। पार्टी के जिलाध्यक्ष धीरज लाटियान ने मामले को निपटाया। एसडीएम सदर दीपक कुमार और सीओ सिटी कुलदीप कुमार को बाद में ज्ञापन दिया गया। पार्टी के जिलाध्यक्ष धीरज लाटियान, राहुल मलिक, नगर अध्यक्ष शाहिद आलम, तहसील अध्यक्ष विकास शर्मा, राशिद कुरैशी आदि कार्यकर्ता मौजूद रहे।
खतौली तहसील में धरना- प्रदर्शन
खतौली में भाकियू ब्लाक अध्यक्ष विदेश मोतला के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने तहसील पहुंचकर कृषि कानूनों के खिलाफ प्रदर्शन किया। कार्यकर्ता तहसील प्रांगण में ही धरने पर बैठ गए। कहा कि गत वर्ष पांच जून को ही केंद्र सरकार द्वारा किसान विरोधी कृषि कानून देश पर थोपे गए थे, जिसका खामियाजा केंद्र सरकार को भुगतना पड़ेगा। इस मौके पर राकेश चौधरी, रोशन पंडित, अरुण मुखिया, टीटू प्रधान, दीपक प्रधान, नीलू, राहुल, विकास बालियान, सुमित भाटी, अंकुर शेरावत, आदेश चंदेल और विकास मलिक आदि मौजूद रहे।