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मेरठ : न्यूटिमा अस्पताल में कोरोना मरीज को लगाया गया एंटीबॉडी कॉकटेल इंजेक्शन 

Mon, 07 Jun 2021 12:01 AM IST
दुष्यंत शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, मेरठ

सार

  • एक लाख 20 हज़ार रुपये है कीमत 
  • अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को लगने के बाद चर्चा में आया था इंजेक्शन
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को लगने के बाद चर्चा में आया मोनोक्लोनल एंटीबॉडी कॉकटेल इंजेक्शन रविवार को एक मरीज़ को न्यूटिमा अस्पताल में लगाया गया। कयास लगाया जा रहा है कि उत्तर प्रदेश में पहली बार किसी मरीज़ को यह लगाया गया है, हालांकि इस बात की पुष्टि नहीं है।

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 मेरठ निवासी 52 वर्षीय कोरोना संक्रमित एक चिकित्सक को मोनोक्लोनल एंटीबाडी काकटेल का इंजेक्शन लगाया गया। न्यूटिमा के एमडी डॉ संदीप गर्ग ने बताया कि  मरीज़ के भाई का कोरोना से निधन हुआ है। ऐसे में जब इन्हें संक्रमण हुआ तो इन्होंने यह डोज लिया। यह एक लाख 20 हज़ार कीमत का है। इजेक्शन लगवाने के दो घंटे के बाद डाक्टर घर चले गए। इंजेक्शन लेने वाले चिकित्सक अपना नाम सार्वजनिक नहीं करना चाहते।

कोरोना महामारी की दूसरी लहर के बीच इन दिनों 'मोनोक्लोनल एंटीबॉडी' या 'एंटीबॉडी कॉकटेल' दवा की चर्चा चल रही है। विशेषज्ञों का दावा है कि यह दवा कोविड-19 वायरस के म्यूटेशन की संभावनाएं नहीं हैं। हालांकि आने वाले वक्त में ही पता चलेगा कि मोनोक्लोनल एंटीबॉडी दवा कोविड और उसके वैरिएंट्स के खिलाफ कितनी प्रभावी है। हालांकि, संभावना है कि इससे वायरस का म्यूटेशन नहीं होगा।
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मोनोक्नोल एंटीबॉडी दवा दो दवाओं का मिश्रण है। इसलिए इसे एंटीबॉडी कॉकटेल दवा भी कहा जाता है। इसे दो दवाओं कासिरिविमाब और इम्देवीमाब के 600-600 एमजी का डोज मिलाकर तैयार किया जाता है। 

किसी भी बीमारी से लड़ने के लिए एंटीबॉडी बहुत जरूरी होती है। एंटीबॉडी प्रोटीन होते हैं, जो किसी भी बीमारी से शरीर को बचाते हैं। मोनोक्लोनल एंटीबॉडी को किसी खास बीमारी से लड़ने के लिए लैब में तैयार किया जाता है। ये दवा शरीर में कोरोनावायरस को फैलने से रोकती है।

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