आरटीआई में खुलेंगे राज
इस पूरे प्रकरण पर कई लोगों ने आरटीआई भी लगाई है। सारे दस्तावेज मांगे हैं। एडवोकेट, काजी शादाब, एडवोकेट अब्दुल वहाब आदि ने भी इसकी शिकायत की है और पूरी जानकारी मांगी है। यहां तक कि क्षेत्र की मीट फैक्ट्रियों में पेश चिकित्साधिकारियों की तैनाती पर सवाल उठाए हैं। कहा है कि नियमानुसार ये गलत तैनात किए जा रहे हैं। इन्हीं की देखरेख में ही सारा काम चल रहा है।
कैसे बन गई इमारत
इतनी बड़ी फैक्ट्री कैसे बन गई और एमडीए अधिकारियों को दिखाई भी नही दी। एमडीए ने एक तरफ अवैध निर्माणों के खिलाफ अभियान चला रखा है और दूसरी तरफ इस तरह के निर्माण हो रहे हैं। हालांकि वीसी साहब सिंह ने इस फैक्ट्री के तमाम दस्तावेज तलब किए हैं।
इन विभागों की चाहिए मीट एक्सपोर्ट को मंजूरी
जिला प्रशासन, मेरठ विकास प्राधिकरण, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, पशुपालन विभाग, जिला पंचायत या नगर निगम, एफएसएसएआई, एपीडा, फायर ऑफिसर, जिला उद्योग केन्द्र। जिला उद्योग केन्द्र में इस संस्था का रजिस्ट्रेशन भर है। इसके अलावा अन्य किसी विभाग की कोई एनओसी नहीं है।
यह प्रकरण मेरी जानकारी में आया है। एक बार इसकी जांच कराई। लेकिन अब नई इमारत बन जाने की बात आई है। मैं फिर से इसकी जांच कराता हूं। यदि गैरकानूनी काम हो रहा है तो तत्काल एक्शन होगा।
-अनिल ढींगरा, जिलाधिकारी
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