कोरोना की तीसरी लहर के अंदेशे के चलते एलएलआरएम मेडिकल कॉलेज में अतिरिक्त सतर्कता बरती जा रही है। अब कोविड ब्लाक में इमरजेंसी के लिए 20 बेड की पीडियाट्रिक इंटेंसिव केयर यूनिट (पीआईसीयू) बनाई गई है। आईसीयू फर्स्ट में इसकी व्यवस्था की गई है। बच्चों के लिए जरूरी उपकरण मंगाए जा रहे हैं। मेडिकल कॉलेज में फिलहाल 10 बेड की पीआईसीयू चल रही है।
मेरठ के मेडिकल कॉलेज में कोविड संक्रमित बच्चों के इलाज के लिए 100 बेड की पीआईसीयू बनाने की योजना है। 50 बेड का आइसोलेशन वार्ड, 25-25 बेड का आईसीयू व जनरल वार्ड होगा। यहां 25 वेंटिलेटर रहेंगे। 10 बेड के वार्ड को विस्तार देकर सेटअप तैयार किया जाएगा। मेरठ जिले में अभी तक पीआईसीयू नहीं थी। तीसरी लहर में बच्चों पर कोरोना का ज्यादा असर होगा, ऐसी आशंका जताई गई है। सरकार इसे गंभीरता से ले रही है। इसी के तहत पीआईसीयू बनाने के निर्देश दे दिए गए हैं।
पीएल शर्मा जिला अस्पताल में भी 10 बेड का वार्ड तैयार कर लिया गया है। इसके अलावा महिला जिला अस्पताल में 10 बेड का वार्ड बन चुका है। हालांकि ये दोनों वार्ड अभी शुरू नहीं हो सके हैं। ऑक्सीजन पाइप लाइन लगने के बाद ये दोनों शुरू हो पाएंगे। इनके अलावा ग्रामीण क्षेत्रों में कोरोना मरीजों के उपचार के लिए सीएचसी मवाना 20 बेड, सरधना में 10 बेड, दौराला सीएचसी पर पांच बेड और नवनिर्मित अस्पताल किठौर में 50 बेड का वार्ड तैयार किया जा रहा है।
एहतियाती तौर पर कर रहे तैयारी
एहतियाती तौर पर 20 बेड कोविड ब्लाक में भी आरक्षित किए गए हैं। यह भी पीआईसीयू है। 100 बेड का पीआईसीयू बनने के बाद कोविड ब्लाक के इस पीआईसीयू को समाप्त कर दिया जाएगा। - डॉ. ज्ञानेंद्र कुमार, प्राचार्य, मेडिकल कॉलेज