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Meerut News: 1.84 लाख वाहन हुए कंडम, एनओसी नहीं ली तो नपेंगे, कबाड़ में बेचने की देनी होगी सूचना

Tue, 14 Mar 2023 11:51 AM IST
Dimple Sirohi न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ

सार

मेरठ जनपद में पुराने वाहन एनजीटी के नियमों के मुताबिक सड़कों पर नहीं चलाए जा सकते हैं। आंकड़ों की बात करें तो जिले में  26366 डीजल चालित वाहन और 1,57733 पेट्रोल चालित कार और दो पहिया वाहन हैं। यदि एनओसी नहीं ली गई तो वाहन स्वामियों पर कार्रवाई होगी।
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पुराने मानक पर आधारित वाहन
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विस्तार
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मेरठ जिले में 1.84 लाख वाहन एनजीटी के नियमों के मुताबिक सड़कों पर नहीं चलाए जा सकते हैं। सरकार ने एनसीआर में उपयोग अवधि पूरी होने पर कंडम हो रहे वाहनों को प्रदेश के बिजनौर, बदायूं, कासगंज, पीलीभीत, जालौन समेत 34 जनपदों में स्थानांतरण कराने की सलाह दी है। एनसीआर से बाहर के निवासी वाहन स्वामी को आरटीओ कार्यालय से अनापत्ति प्रमाण पत्र लेना होगा। एनओसी नहीं लेने पर आरसी निरस्त होगी। 

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बढ़ जाएंगे पांच साल 
अगर वाहन स्वामी मेरठ परिवहन कार्यालय में रजिस्टर्ड वाहन को अनापत्ति प्रमाण लेकर पड़ोस के जनपद बिजनौर में रजिस्टर्ड कराते हैं तो उनके डीजल और पेट्रोल वाहन की निर्धारित उपयोग अवधि पांच साल बढ़ जाएगी। वह अलग बात है कि ये वाहन फिर भी एनसीआर की सड़कों पर प्रतिबंधित रहेंगे। अगर एनसीआर में इन वाहनों को सड़क पर चलाया जाएगा तो जब्त कर लिया जाएगा। 

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वाहनों की उपयोग अवधि 
नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) ने एनसीआर में डीजल चालित वाहनों की उपयोग अवधि दस साल और पेट्रोल चालित वाहनों की 15 साल निर्धारित की है। इससे अधिक वर्ष पहले बने वाहन  दिल्ली एनसीआर की सड़कों पर नहीं चल पाएंगे। चलते मिलने पर जब्त करने और भारी जुर्माने की कार्रवाई की जाएगी। परिवहन विभाग ने वाहन स्वामियों को राहत देने की नियत से आरटीओ कार्यालय से अनापत्ति प्रमाण पत्र लेने के लिए एक माह का समय दिया है। 

कबाड़ में बेचने की देनी होगी सूचना 
नियमानुसार अगर कोई व्यक्ति अपना वाहन कबाड़ी को भी बेचता है तो उसकी सूचना परिवहन विभाग को दी जानी चाहिए। अगर ऐसा नहीं होता है तो काॅमर्शियल वाहन पर परिवहन विभाग का रोड टैक्स लगता ही रहेगा, जिसका खामियाजा वाहन स्वामी को ही भरना पड़ेगा।  

सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी (एआरटीओ) कुलदीप सिंह ने बताया कि सभी वाहन स्वामियों को पूर्व में नोटिस भेजे जा चुके हैं, इसके बावजूद वाहन स्वामी अपने वाहनों के लिए यह प्रक्रिया पूरी कराने के लिए नहीं पहुंच रहे हैं। अब सभी को एक माह का समय देते हुए दूसरा नोटिस जारी किया जा रहा है। अगर इसके बाद भी वाहन स्वामी अपने वाहनों को दूसरे जनपदों के लिए ट्रांसफर नहीं कराते हैं तो विभाग अपने स्तर से उनकी आरसी (रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट) निरस्त कर देगा। फिर ऐसे वाहन कबाड़ बनकर रह जाएंगे।
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