वाहनों की उपयोग अवधि
नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) ने एनसीआर में डीजल चालित वाहनों की उपयोग अवधि दस साल और पेट्रोल चालित वाहनों की 15 साल निर्धारित की है। इससे अधिक वर्ष पहले बने वाहन दिल्ली एनसीआर की सड़कों पर नहीं चल पाएंगे। चलते मिलने पर जब्त करने और भारी जुर्माने की कार्रवाई की जाएगी। परिवहन विभाग ने वाहन स्वामियों को राहत देने की नियत से आरटीओ कार्यालय से अनापत्ति प्रमाण पत्र लेने के लिए एक माह का समय दिया है।
कबाड़ में बेचने की देनी होगी सूचना
नियमानुसार अगर कोई व्यक्ति अपना वाहन कबाड़ी को भी बेचता है तो उसकी सूचना परिवहन विभाग को दी जानी चाहिए। अगर ऐसा नहीं होता है तो काॅमर्शियल वाहन पर परिवहन विभाग का रोड टैक्स लगता ही रहेगा, जिसका खामियाजा वाहन स्वामी को ही भरना पड़ेगा।
सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी (एआरटीओ) कुलदीप सिंह ने बताया कि सभी वाहन स्वामियों को पूर्व में नोटिस भेजे जा चुके हैं, इसके बावजूद वाहन स्वामी अपने वाहनों के लिए यह प्रक्रिया पूरी कराने के लिए नहीं पहुंच रहे हैं। अब सभी को एक माह का समय देते हुए दूसरा नोटिस जारी किया जा रहा है। अगर इसके बाद भी वाहन स्वामी अपने वाहनों को दूसरे जनपदों के लिए ट्रांसफर नहीं कराते हैं तो विभाग अपने स्तर से उनकी आरसी (रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट) निरस्त कर देगा। फिर ऐसे वाहन कबाड़ बनकर रह जाएंगे।