मेरठ में परिवहन विभाग ने कंपनी मेड बॉडी वाली कॉमर्शियल गाड़ियों को दो साल तक फिटनेस नहीं कराने की छूट दे दी है। यानि जिन वाहनों की पूरी बॉडी कंपनी से फिट होकर आएगी उन वाहनों की दो साल तक फिटनेस कराने की जरूरत नहीं पड़ेगी। जिन वाहनों की बॉडी बाहर से बनवानी पड़ती है, सिर्फ उन्हीं वाहनों को रजिस्ट्रेशन के बाद फिटनेस करानी होगी। इस नए नियम से वाहन स्वामियों को तो राहत मिली ही है साथ ही आरटीओ में वाहनों की भीड़ भी कम होगी।
मोटर व्हीकल एक्ट के अनुसार अब तक हर प्रकार के कॉमर्शियल वाहनों को रजिस्ट्रेशन के समय ही फिटनेस करानी पड़ती थी। वाहनों की हर दो साल बाद फिटनेस कराने का नियम है। वाहन स्वामी कंपनी फिट बॉडी वाले वाहनों को पहली फिटनेस से छूट की मांग लंबे समय से कर रहे थे। परिवहन विभाग ने अब इन वाहनों को छूट प्रदान कर दी है। ऐसे वाहनों को दो साल बाद फिटनेस करानी होगी। जिन वाहनों को चेसिस कंपनी से निकलता है और वाहन स्वामी उनकी बॉडी बनवाते है। अब ऐसे वाहनों को ही रजिस्ट्रेशन के तुरंत बाद फिटनेस कराकर सर्टिफिकेट लेना होगा।