20 नवंबर को टीपी नगर थाने के पास कमला नगर में बिल्डर प्रदीप गुप्ता की कोठी में नेपाली नौकर बल बहादुर ने गार्ड मनोज को नशीला पदार्थ देकर लूटपाट की थी। बल बहादुर अपने साथी लालभुल और लक्ष्मण के साथ करोड़ों रुपये का सामान लेकर फरार हो गया था। 21 दिन से लगातार मेरठ पुलिस और एसटीएफ तीनों आरोपियों की तलाश में लगी थी।
नेपाल तक आरोपियों को ढूंढने के लिए पुलिस टीम गई। सात दिन बाद खाली हाथ लौट आई। एक सप्ताह पहले एसटीएफ मेरठ और मुंबई पुलिस की संयुक्त टीम ने आरोपी लक्ष्मण को मुंबई से गिरफ्तार कर लिया था, लेकिन वह मुंबई पुलिस की कस्टडी से भाग गया था। वह पुणे में बहनोई के पास रह रहा था।
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हालांकि एसएसपी मुख्य आरोपी लक्ष्मण को गिरफ्तार किए जाने से इन्कार कर रहे हैं। उनका कहना है कि मुख्य आरोपी लक्ष्मण के बहनोई को पकड़ा गया है, उसका नाम भी लक्ष्मण ही है। वहीं, पूछताछ में आरोपी नरेश बार-बार बयान बदल रहा है। पुलिस का दावा है कि मेरठ से लूटपाट करने के बाद तीनों आरोपियों से नरेश की बात हुई है। लूट का सामान कहां रखा गया है। यह बात नरेश को मालूम हो सकती है। वहीं, लक्ष्मण की पत्नी व भाई से भी पुलिस की पूछताछ जारी है।
लालभुल और बल बहादुर की भी घेराबंदी
बिल्डर प्रदीप गुप्ता के घर चोरी करने वाले नेपाली लुटेरों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीम 10 दिन से पुणे और मुंबई में डेरा डाले हुए है। आरोपियों की लोकेशन कभी पुणे तो मुंबई में मिल रही थी। लालभुल और बल बहादुर की लोकेशन फिर से मुंबई में मिल रही है। एक टीम फिर मुंबई के लिए रवाना होगी। एसएसपी रोहित सजवाण का कहना है कि आरोपियों को शरण देने वालों को भी जेल भेजा जा रहा है।