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Meerut: पड़ोसी युवक ने किया किशोरी से दुष्कर्म, मेडिकल कराने गई पीड़िता के साथ कर्मचारियों ने की शर्मनाक हरकत

Thu, 12 Jun 2025 09:49 PM IST
मोहम्मद मुस्तकीम अमर उजाला नेटवर्क, मेरठ

सार

पीड़िता के भाई की तहरीर पर पुलिस ने आरोपी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया। साथ ही उसे मेडिकल के लिए सीएचसी भेजा गया। वहां पर उसके साथ भद्दा मजाक किया गया। 
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सांकेतिक तस्वीर। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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सरूरपुर थाना क्षेत्र के एक गांव निवासी किशोरी के साथ पड़ोसी युवक ने दुष्कर्म किया। गांव निवासी आरोपी मुबशिर के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया है। वहीं मेडिकल के लिए पीड़िता को सीएचसी भेजा गया, तो वहां कोई महिला चिकित्सक मौजूद नहीं थी। स्टाफ के चार कर्मचारी किशोरी को लेकर एक घंटे तक बंद कमरे में बैठे रहे। 
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पीड़िता के भाई ने तहरीर में बताया कि उसकी नाबालिग बहन बुधवार रात करीब एक बजे घर के बाहर बने शौचालय में गई थी। इसी बीच आरोपी ने उसे पकड़ लिया और दुष्कर्म किया। शोर सुनकर जब उसकी भाभी मौके पर पहुंची तो आरोपी फरार हो गया। 
 

आरोप है कि आरोपी ने पुलिस से शिकायत करने पर जान से मारने की धमकी दी। इसके बाद परिजनों के साथ पीड़िता थाने पहुंची। पीड़िता के भाई ने आरोपी के खिलाफ तहरीर देकर मुकदमा दर्ज कराया। वहीं, पुलिस ने आरोपी को उसके घर से गिरफ्तार कर लिया। बृहस्पतिवार को पुलिस ने आरोपी का चालान कर दिया।


एक घंटे तक बंद कमरे में लेकर बैठे रहे चार कर्मचारी
बुधवार रात को ही पुलिस ने दुष्कर्म पीड़िता का मेडिकल कराने के लिए सीएचसी में भेजा था। आरोप है कि सीएचसी में रात की ड्यूटी में तैनात चार वार्ड ब्वॉय उसे सीएचसी प्रभारी के कार्यालय में लेकर बैठ गए। महिला चिकित्सक नहीं थी, फिर भी वे रात में करीब एक घंटा बैठाकर अपमानित करते रहे। 
 

काफी देर तक पीड़िता का मेडिकल नहीं हुआ तो परिजनों ने आपातकालीन वार्ड में आकर देखा। पीड़िता वहां नहीं मिली तो परिजन सीएचसी प्रभारी के कार्यालय में पहुंचे। वहां सीएचसी के कर्मचारी पीड़िता से उल्टे-सीधे सवाल पूछ रहे थे और हंस रहे थे। किसी ने इन लोगों का वीडियो बनाकर वायरल कर दिया। 
 
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इस संबंध में सीएचसी प्रभारी डॉ. राघो का कहना है कि रात में महिला चिकित्सक नहीं होने के चलते दुष्कर्म पीड़िता का मेडिकल नहीं किया जा सकता, बल्कि उसे रेफर किया जाता है। उन्होंने लाइट व अन्य समस्या आने पर रात में ड्यूटी पर तैनात चिकित्सक को उनके कार्यालय में बैठकर काम करने की इजाजत दी हुई है। वायरल वीडियो के आधार पर जांच की जा रही है। यदि पीड़िता के साथ दुर्वव्यहार किया गया है तो कर्मचारियों के खिलाफ जांच कर कार्रवाई की जाएगी।

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