इस बार दिवाली पर शहर अंधेरे में रहेगा। नगर निगम ने पथ प्रकाश की व्यवस्था नहीं की है। बीओटी मार्ग से लेकर गलियों तक में स्ट्रीट लाइटें खराब पड़ी हैं। बीओटी ठेकेदार निगम अधिकारियों की नहीं सुनता है। तीन साल से बीओटी ठेका हवा हवाई चल रहा है। न तो स्ट्रीट लाइटें ही नियमित जलती हैं और न ही डिवाइडर और खंभे आदि का रखरखाव हो रहा है। निगम अधिकारी और ठेकेदार मिलकर गोलमाल कर रहे हैं। निगम प्रशासन शहर में एलईडी लगवाने में भी कामयाब नहीं हो पाया है।
शहर में 41992 हैं स्ट्रीट लाइटें
शहर में मुख्य मार्ग और गली मोहल्लों में लगी स्ट्रीट लाइटें लगभग 41992 हैं। इनमें से शहर के मुख्य छह मार्गों पर लगी स्ट्रीट लाइटों को जलाने और बुझाने की जिम्मेदारी बीओटी ठेकेदार की है। लेकिन बाकी शहर की स्ट्रीट लाइटों को ठीक करने और नियमित स्ट्रीट लाइट जलाने की जिम्मेदारी नगर निगम लाइट विभाग की है। शहर में लगी स्ट्रीट लाइट ठीक करने के लिए निगम के पास भी स्थाई और अस्थाई कर्मचारियों की भारी भरकम फौज है। लगातार लाइटें ठीक करने का काम भी होता है, लेकिन लापरवाही के कारण व्यवस्था पूरी तरह पटरी से उतरी हुई है। दीपावली पर शहर के काफी हिस्से ऐसे रह जाएंगे, जहां लाइटें नहीं जल पाएंगी।
अभी तक नहीं हुआ एलईडी का अनुबंध
शहर में एलईडी कब लगेगी यह तो अभी स्पष्ट नहीं, लेकिन इतना जरूर है कि निगम प्रशासन ने एक कंपनी को एलईडी लगाने की स्वीकृति दे दी है। निगम अधिकारी 15 दिन से कंपनी के अधिकारियों से अनुबंध कराने का प्रयास कर रहे हैं। लेकिन सफलता नहीं मिल रही है। कंपनी के अधिकारी निगम प्रशासन के सभी पत्रों को डस्टबिन में डाल रहे हैं।
विद्युत विभाग की लापरवाही से छाएगा अंधेरा
अगर नगर निगम पथ प्रकाश विभाग की मानें तो दीपावली पर मुख्य मार्ग और शहर के अन्य कुछ मार्गों पर बिजली विभाग के अधिकारियों की लापरवाही के कारण अंधेरा छाएगा। क्योंकि विभाग के अधिकारियों ने अनेकों बार पत्र लिखने के बाद भी स्ट्रीट लाइट की लाइन चालू नहीं की है।
यहां की लाइन बंद
- रुड़की रोड पर डेरी फार्म बिजली घर से स्ट्रीट लाइटों की आए दिन विद्युत सप्लाई प्रभावित रहती है। सात सितंबर से सोफीपुर तक स्ट्रीट लाइटों का पूरा सर्किट बंद पड़ा है।
- गढ़ रोड पर आनंद अस्पताल के निकट से सोमदत्त विहार तक डिवाइडर की लाइटें दो सितंबर से बंद हैं। मार्ग पर दिन छुपते ही अंधेरा पसर जाता है।
- दिल्ली रोड पर जेपी रिसोर्ट से उद्योगपुरम तक लाइटें आठ सितंबर से बंद पड़ी हैं। जिसके कारण मार्ग पर अंधेरा पसरा है।
ये हैं ठेकेदार से अनुबंध की शर्तें
- बीओटी छह मार्गों पर स्ट्रीट लाइटों को जलाने, बंद करने, रखरखाव करने, साल में दो बार डिवाइडर, रेलिंग, और खंभों की रंगाई पुताई कराने का कार्य।
- बिजली के खंभों की सफाई, रंगाई पुताई कराने के साथ-साथ लाल, पीली व सफेद रंग की रिफलेक्टिव टेप लगाने का कार्य।
- डिवाइडर पर बनी ग्रीन बेल्ट को हरा भरा रखने और कटाई छंटाई कराने का कार्य।
- हादसे में डिवाइडर और विद्युत पोल टूटने पर सात दिन के भीतर ठीक कराना होगा।
लाइट बंद मिलने पर लगेगा जुर्माना
नगर निगम और ठेकेदार के बीच हुए अनुबंध के अनुसार अगर तीन दिन से अधिक प्रकाश पुंज यानी लाइट बंद रहती है तो पांच रुपये प्रतिदिन के हिसाब से जुर्माना लगेगा। अगर इससे यह अधिक पांच दिन के बाद 100 रुपये प्रति पुंज के हिसाब से ठेकेदार को जुर्माना भरना होगा।
लाइट ठीक करा रहे
एलईडी लाइटें लगाने की योजना के कारण नई स्ट्रीट लाइटें नहीं खरीदी गई हैं। पुरानी सभी स्ट्रीट लाइटों को ठीक करने का काम चल रहा है। दीपावली तक सभी लाइटें ठीक कर दी जाएंगी। मुख्य मार्गों पर जो लाइटें बंद पड़ी हैं, उनके लिए विद्युत विभाग जिम्मेदार हैं। हम अनेकों पर विद्युत विभाग के अधिकारियों को पत्र लिख चुके हैं। लेकिन सप्लाई शुरू नहीं की है। - राजेश चौहान, इंस्पेक्टर पथ प्रकाश नगर निगम।
सूचना मिलते ही कराते हैं काम
बीओटी मार्गों की स्ट्रीट लाइटें ठीक करने के लिए हमने कर्मचारियों की टीम लगाई हुई है। निगम की तरफ से भी सूचना मिलती है। तत्काल लाइटों को ठीक कराया जाता है। जहां लाइटें बंद हैं, वहां विद्युत विभाग की गलती है। हम कई बार पत्र लिखकर सप्लाई की मांग कर चुके हैं।
- सचिन चौधरी, डायरेक्टर, अभिनव एडवरटाइजिंग कंपनी