श्रीनगर पुलिस ने गुरुवार को तीन युवकों को पकड़ा था। इनमें मोहम्मद नदीम भी शामिल है। पुलिस ने तीनों युवकों को कनेक्शन एक आतंकी संगठन से होेना बताया है। लावड़ कस्बे की घासमंडी निवासी यासीन के तीन बेटे हैं।
मोहम्मद नदीम पहले कस्बे में अपने भाई के साथ सैलून चलाता था। श्रीनगर में काम अच्छा चलने पर वह वहीं रहने लगा। ईद के त्योहार पर वह कस्बे में आता था।
लगभग दो साल पहले उसके माता-पिता की मौत हो गई थी। इसके बाद तीनों भाइयों ने पुस्तैनी मकान बेच दिया और अपने हिस्से के रुपये ले लिए। नदीम अपने हिस्से के रुपये लेकर वापस श्रीनगर लौट गया था।
पड़ोसियों के मुताबिक, नदीम के बाकी दोनों भाई भी कस्बे से बाहर रहते हैं। नदीम के पकड़े जाने के बाद श्रीनगर पुलिस ने इंचौली थाना क्षेत्र की लावड़ चौकी पुलिस से संपर्क किया और जानकारी दी।
पुलिस ने पड़ोसियों को पूछताछ के लिए चौकी पर बुलाया। इस पर पड़ोसियों ने बाकी दोनों भाइयों के बाहर होने की पुलिस को जानकारी दी। नदीम के आतंकी कनेक्शन होने और श्रीनगर में पकड़े जाने की खबर से पड़ोसी भी हैरत में है।
वेस्ट यूपी में पहले भी पकड़े गए आतंकियों के मददगार
-19 अक्तूबर 2018 को मेरठ कैंट का जवान कंचन पाकिस्तान को सूचना भेजते पकड़ा।
-27 नवंबर 2015 को एसटीएफ ने मेरठ कैंट से आईएसआई एजेंट इजाज को गिरफ्तार किया।
-16 अगस्त 2014 मेरठ से संदिग्ध आईएसआई एजेंट आसिफ अली गिरफ्तार।
-10 जनवरी 2009 सहारनपुर से आईएसआई एजेंट आमिर अहमद उर्फ भूरा गिरफ्तार।
-12 दिसंबर 2008- सीआरपीएफ कैंप में आतंकी हमले से जुड़े लश्कर-ए-तैयबा का आतंकी फहीम अंसारी गिरफ्तार।
-21 जून 2007 को बिजनौर में भारी मात्रा में आरडीएक्स के साथ हूजी के दो आतंकी गिरफ्तार।
-23 अगस्त 2005 लश्कर-ए-तैयबा के चीफ कोऑर्डिनेटर अबु रज्जाक मसूद का मुजफ्फरनगर कनेक्शन मिला।
-10 मार्च 2005 मेरठ से खलील हुसैन शाह नाम का आईएसआई एजेंट गिरफ्तार।
-18 अप्रैल 2004- मेरठ से रूबी बेगम नाम की आईएसआई एजेंट गिरफ्तार।
-14 मार्च, 2003- मुजफ्फरनगर से जैश-ए-मोहम्मद के दो आतंकी सज्जाद और इत्तफाकुल गिरफ्तार।
-15 जुलाई 2002- मुजफ्फरनगर से एक आईएसआई एजेंट गिरफ्तार।
-9 जुलाई 2002- मुरादाबाद से हिज्बुल मुजाहिदीन से ताल्लुक रखने वाले पांच आतंकी गिरफ्तार।