नवंबर 2024 में मारने की प्लानिंग की
साहिल और मुस्कान ने पुलिस को बताया कि उन्होंने नवंबर 2024 में सौरभ को मारने की प्लानिंग बनाई थी। उसे रास्ते से हटाकर दोनों साथ रहना चाहते थे। इसके लिए उन्होंने नवंबर में ही गांव-गांव जाकर यह पता किया था कि जानवर के मरने पर उसे कहां दबाया जाता है, ताकि हत्या करने के बाद वह सौरभ का शव वहां दबा सकें और किसी को इसका पता भी न चले।
300 रुपये में उस्तरा और पॉली बैग खरीदे थे
22 फरवरी 2025 को मुस्कान ने शारदा रोड स्थित एक डॉक्टर के यहां अपने को डिप्रेशन का मरीज बताते हुए नींद की गोलियां लिखवाईं, क्योंकि बिना डॉक्टर के पर्चे के नींद की दवाइयां नहीं मिलती हैं। इसके बाद उसने गूगल पर सर्च कर नींद और नशे की गोलियों के कुछ साल्ट और देखे। इन्हें उसने डॉक्टर के पर्चे पर खुद लिखा। वह प्रेमी के साथ खैरनगर पहुंच गई और नींद व नशे की गोलियां लीं। दोनों ने शारदा रोड से मीट काटने वाले 800 रुपये के दो चाकू, 300 रुपये में उस्तरा और पॉली बैग खरीदे। तीन मार्च को सौरभ अपनी मां रेणु के घर से लौकी के काेफ्ते की सब्जी लाया था। उसने कोफ्ते गर्म करने के लिए मुस्कान को दिए। मुस्कान ने सब्जी में नींद की व अन्य नशीली दवाइयां मिला दीं। इसके बाद सौरभ सो गया।
सौरभ के सोने के बाद मुस्कान ने अपने प्रेमी साहिल को कॉल करके घर बुला लिया। साहिल घर पहुंचा और दोनों ने मिलकर चाकू से ताबड़तोड़ वार कर सौरभ की हत्या कर दी। शव को बाथरूम में ले जाकर उस्तरे से पहले उसकी गर्दन काटी। इसके बाद हाथ और कलाइयों से हाथ काटे। दोनों की योजना शव के टुकड़े-टुकड़े कर पॉली बैग में भरकर अलग-अलग स्थान पर फेंकने की थी। दोनों ने सौरभ के धड़ को पॉली बैग में भरकर वहीं डबल बेड के बॉक्स में रख दिया।
कटा हुआ सिर और कलाइयों से कटे हाथ साहिल दूसरे बैग में रखकर अपने घर ले गया। चार मार्च को उन्हें अपने घर कमरे में रखा, मगर उन्हें ठिकाने नहीं लगा सका। 24 घंटे तक सौरभ का सिर और हाथ साहिल के घर रखे रहे। पांच मार्च को उन्होंने घंटाघर से ड्रम खरीदा और पॉली बैग के रखे धड़ को उसमें डाल दिया। कुछ देर बाद साहिल सिर और हाथ ले आया और उन्हें भी ड्रम में डाल दिए। ऊपर से सीमेंट और डस्ट का घोल कर उसमें भरकर उसे सील कर दिया।
एसपी सिटी आयुष विक्रम सिंह ने बताया कि वारदात से कई दिन पहले सौरभ की शराब की बोतल में मुस्कान ने नींद की गोलियां भी मिलाईं थीं, ताकि नशे में होने पर उसकी हत्या की जा सके, लेकिन सौरभ ने इस दौरान शराब नहीं पी। इसके बाद कोफ्तों में नींद की गोलियां मिलाई गईं।
मुस्कान की मां बोली- बेटी ही हमारी बदतमीज थी
मुस्कान की मां ने कहा कि जब से सौरभ लंदन गए थे तब से मुस्कान रेंट पर रहती थी। जब से शादी हुई तब से ही ऐसे ही अलग-अलग रहते थे दोनों। मुस्कान की ससुराल में भी नहीं बनी। एक साल ससुराल में रहे, अब मुस्कान ने सौरभ को क्या पट्टी पढ़ाई, वो तो यह दोनों ही जानते होंगे। मुझे यह पता है कि सौरभ इससे ब्लाइंड लव करता था। लड़की ही हमारी बदतमीज थी।
पिता ने फांसी की मांग की
मुस्कान के पिता ने कहा कि उसे फांसी होनी चाहिए। मुस्कान ने जीने का हक खो दिया है। ऐसे इंसान को जीने का हक नहीं है। सौरभ हमेशा मुस्कान का सपोर्ट करता था। मां ने कहा कि जब सौरभ लंदन जा रहा था तो हमने कहा कि मुस्कान को हमारे पास छोड़कर जाओ, लेकिन मुस्कान नहीं चाहती थी कि यहां रहे। क्योंकि मुस्कान को पता था कि मां-बाप किसी न किसी चीज के लिए रोकटोक करेंगे।
एक-दूसरे जानते थे बचपन से जानते थे साहिल और मुस्कान
एसपी सिटी आयुष विक्रम सिंह ने बताया कि साहिल और मुस्कान बचपन से एक-दूसरे जानते थे। दोनों ब्रह्मपुरी क्षेत्र स्थित विवेकानंद स्कूल में आठवीं क्लास तक साथ पढ़े थे। आठवीं के बाद दोनों अलग-अलग स्कूलों में पढ़ाई करने के लिए चले गए। इसके बाद इनकी कोई मुलाकात नहीं हुई। वहीं, ब्रह्मपुरी स्थित इंदिरानगर निवासी सौरभ मर्चेंट नेवी में नौकरी करता था। उसके घर के पास मुस्कान के नाना अनिल रस्तोगी रहते थे, जो ज्योतिषी थे। अक्सर ब्रह्मपुरी के गौरीपुरा मोहल्ले से मुस्कान नाना के घर आती थी। सौरभ का भी अनिल रस्तोगी के घर आना जाना था। 2016 में दोनों की मुलाकात हुई और प्रेम हो गया।
सौरभ और मुस्कान शादी करना चाहते थे, लेकिन दोनों के परिवार के लोग शादी करने के लिए राजी नहीं थे। हालांकि बाद में दोनों के परिजन मान गए। 2016 में उन्होंने शादी कर ली। शादी के बाद सौरभ ने मर्चेंट नेवी की नौकरी छोड़ी और परतापुर में प्लाईवुड फैक्टरी में काम करने लगा। 2019 में बेटी पीहू का जन्म हुआ। इसके कुछ दिन बाद सौरभ लंदन चला गया और वहां दोस्त के साथ बेकरी में नौकरी करने लगा। मुस्कान फोन पर सौरभ से बातचीत करती थी। वीडियो कॉल पर बेटी से बात कराया करती थी। इसके बाद मुस्कान की जिंदगी में फिर से साहिल की एंट्री हुई। साथ पढ़ने वाले साथियों ने एक व्हाट्सएप ग्रुप बनाया था। इसके माध्यम से मुस्कान की बातचीत साहिल से हुई। दोनों के बीच पर्सनल चैट होने लगी। शॉप्रिक्स मॉल में इनकी मुलाकात हुई। इसके बाद बातचीत और मिलना-जुलना जारी रहा। दोनों कई बार ऋषिकेश और मसूरी भी घूमने गए।
मुस्कान और साहिल को मकान मालिक ने आपत्तिजनक हालत में पकड़ लिया था
मकान मालिक ने साहिल और मुस्कान को आपत्तिजनक हालत में पकड़ लिया था और इसकी शिकायत फोन पर सौरभ से की थी। इस पर सौरभ ने मुस्कान को खरी खोटी सुनाई थी। उसने 2021 में तलाक के कागज भी तैयार करा लिए। हालांकि, बाद में दोनों के बीच सहमति बनी कि तलाक नहीं लेंगे और बेटी के जीवन को देखते हुए साथ-साथ रहेंगे। इसके बावजूद मुस्कान ने साहिल से मिलना नहीं छोड़ा। जब सौरभ यहां आता था तो वह साहिल से नहीं मिलती थी, लेकिन उसके जाते ही फिर मिलने लगती थी। इस बार साहिल दो साल बाद लंदन से मेरठ आया था।
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