मुलायम सिंह की यादें
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राजपाल सिंह बताते हैं कि वैसे तो मुलायम सिंह यादव मेरठ में पूर्व प्रधानमंत्री चौधरी चरण सिंह के साथ आते रहते थे, लेकिन 5 दिसंबर 1989 को मुख्यमंत्री बनने के बाद पहली बार वह 13 दिसंबर 1989 को मेरठ में रुड़की रोड पर आरवीसी में आए थे। यहां तत्कालीन राष्ट्रपति उस कार्यक्रम में आ रहे थे, उनके अगुवानी करने के लिए आए थे। कार्यक्रम के बाद वह लालकुर्ती थाने के सामने व्हाइट हाउस के नाम से बने कार्यालय में बैठे थे। बकौल राजपाल सिंह, वहां जिलाधिकारी से कहा कि राजपाल सिंह को बुलवाइए। वह हमारी पार्टी के जिलाध्यक्ष हैं। जिलाधिकारी ने एक गाड़ी हमारे गांव रजपुरा और दूसरी गाड़ी कचहरी भेजी। बाद में मैं उन्हें आरएस के नाम से एक रेस्टोररेंट था, उसमें मिला। इसके अलावा उनके मुख्यमंत्री कार्यकाल के दौरान आरक्षण विरोधी आंदोलन चला तो वह उन्हें कार में बैठकर बागपत ले गए, जहां मीटिंग हुई और आंदोलन शांत कराया गया। बागपत के बरनावा में झगड़ा हो गया था, तो वहां भी गए थे।
...जब सड़क किनारे करवाई शेविंग
सपा के निवर्तमान जिलाध्यक्ष बताते हैं कि बात 1977 की है। मुलायम सिंह यादव कॉपरेटिव मिनिस्टर थे। वह मोदीनगर में कॉपरेटिव शाखा का उद्घाटन करने के लिए आए थे। व्यस्त चल रहे थे, तो उनकी दाढ़ी बढ़ी हुई थी। मंत्री होते हुए भी कितने सरल थे, इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि उन्होंने मोदीनगर में सड़क किनारे अपनी गाड़ी रुकवाई और वहीं कुर्सी और शीशा लगाकर बैठे एक हेयर ड्रेसर से शेविंग कराई।