घर के इकलौते बेटे विवेक की हत्या की खबर मिलते ही मां मिथलेश और दोनों बहन प्रिया व प्रीति का रो-रोकर बुराहाल था। रोती-बिलखती बहनें कह रही थीं कि दो दिन पहले ही उसके हाथ पर राखी बांधी थी, भैया हमे नहीं पता था कि तुम चले जाओगे। हमें क्या पता था कि आखिरी बार राखी बांध रहे हैं। मां की भी हालत खराब हो रही थी। बेटे की मौत के बाद वह बेसुध हो रही थीं। घर पर हर कोई ढांढस बांध रहा था, लेकिन आंखों के आंसू नहीं थम रहे थे।