माता-पिता की व्यस्तता घरों में चुपचाप बच्चों को मनोरोगी बना रही है। इसे अभिभावकों की लापरवाही कहें या बच्चों के प्रति जरूरत से ज्यादा नरमी, लेकिन सच है कि पिछले डेढ़ साल में मोबाइल की बढ़ती लत के कारण 1.5 से 3.5 वर्ष तक के बच्चों में आक्रामकता, बोलने में देरी (स्पीच डिले) और अत्यधिक चंचलता (हाइपरएक्टिविटी) की शिकायतों में तेजी से वृद्धि हुई है। मेडिकल कॉलेज के मनोरोग चिकित्सकों के अनुसार इसकी बच्चों में बढ़ती मोबाइल की लत इसकी सबसे बड़ी वजह बनी है।