पीड़िता के पिता का कहना है कि जब उन्होंने ज़ोर देकर कार्रवाई की मांग की, तो पुलिस ने लापरवाही दिखाई और यह कहा कि “मामला आपसी है, सुलझा लो।” इस बीच, आरोपित युवक ने परिजनों को धमकी दी कि अगर उन्होंने पुलिस में शिकायत की तो पूरे परिवार को अंजाम भुगतना होगा।
परिवार का कहना है कि वे डरे हुए हैं लेकिन अब पीछे नहीं हटेंगे। उन्होंने वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों से मांग की है कि चौकी पुलिस की भूमिका की जांच हो और दोषी पुलिसकर्मियों के साथ-साथ आरोपी युवकों पर सख्त कार्रवाई की जाए।
स्थानीय ग्रामीणों का भी कहना है कि पुलिस अक्सर ऐसे मामलों में टालमटोल करती है, जिससे पीड़ित परिवार न्याय से वंचित रह जाते हैं।
इस पूरे मामले ने एक बार फिर ग्रामीण इलाकों में किशोरियों की सुरक्षा और पुलिस की संवेदनशीलता पर सवाल खड़े कर दिए हैं।