शुक्रवार को पीड़ित कोमल के खिलाफ भी मारपीट और लूट के मामले में रिपोर्ट लिख दी गई। ये अनुसूचित जाति का उत्पीड़न है। वर्ष 2014, 2017, 2019 और 2022 में कार्यकर्ताओं ने सरकार बनवाई लेकिन उन्हीं कार्यकर्ताओं का उत्पीड़न होगा तो सहन नहीं करेंगे।
मंत्री दिनेश खटीक ने आरोप लगाया कि मेरठ पुलिस अपराध को कम दर्शाने के इरादे से मुकदमे नहीं लिख रही है। अनुसूचित जाति के लोगों और कार्यकर्ताओं के उत्पीड़न पर कहीं भी धरना देना होगा तो वे पीछे नहीं हटेंगे। खटीक ने कहा, उनके क्षेत्र में गोहत्या की दो घटनाएं हो चुकी हैं।
तस्वीरें अपर मुख्य सचिव गृह अवनीश अवस्थी को भी भेजी हैं। फतेहपुर प्रेमपुर, लतीफपुर एवं परीक्षितगढ़ में हत्या समेत कई मामलों में पुलिस ने फर्जी खुलासा किया। पूर्व मंडल अध्यक्ष प्रेमचंद्र शर्मा की पुत्रवधू से स्कूटी पर जाते हुए दो लाख और मोबाइल की लूट हुई लेकिन पुलिस ने रिपोर्ट में कम रकम दिखाई।