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शहीद अजय की तरह दिलेर हैं डिंपल, पति को वतन पर किया कुर्बान, भाई भी है सेना में जवान 

Wed, 20 Feb 2019 01:21 PM IST
Dimple Sirohi न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
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martyr ajay kumar wife
अजय की शहादत सिर्फ वीरपाल सिंह के परिवार के लिए ही क्षति नहीं है। प्रियंका का परिवार भी पूरी तरह टूट गया है। प्रियंका के पिता, मां, भाई और बहन सदमे में हैं कि ये क्या हो गया। मंगलवार को बेटी की हालत देखकर पिता सेवाराम बेहाल हो गए। फफकते हुए कहने लगे कि बेटी का पति तो कुर्बान हो गया... इसका तो भाई भी जम्मू के अखनूर में तैनात है। 

 
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martyr ajay kumar
मुरादनगर के सलेमाबाद निवासी सेवाराम गाजियाबाद में होमगार्ड हैं। उनके चार बच्चों में प्रियंका सबसे बड़ी हैं। उनसे छोटे दो भाई दीपक और तरुण हैं। एक बहन है अंतिम। सेवाराम बताते हैं कि 11 मार्च 2015 को प्रियंका की अजय से शादी हुई। तभी अजय ने छोटे साले तरुण से भी सेना में भर्ती होने के लिए कहा। उसको भर्ती के बारे में जानकारी दी और तैयारी करने को कहा। इसी कि चलते तरुण सेना में भर्ती हुआ।
 
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martyr ajay kumar
हाल ही में जबलपुर से ट्रेनिंग करने के बाद उनकी तैनाती कुछ दिन मेरठ में रहने के बाद जम्मू के अखनूर में है। तरुण सेना की 8 ग्रेनेडियर में हैं। सेवाराम बताते हैं कि कश्मीर के हालात के बारे में वे खूब जानते थे। ऐसे में रोजाना वे दामाद अजय और बेटे तरुण से सुबह-शाम बात करते थे।
 

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martyr ajay kumar
रविवार रात को भी आठ बजे अजय से बात हुई तो उसने बताया कि पापा, सीआरपीएफ के जवानों पर हमला करने वालों को ढूंढ रहे हैं। रातभर सर्च ऑपरेशन चला, लेकिन कुछ नहीं मिला है। आज जरूर कुछ करके रहेंगे। भर्राए गले से बताते हैं कि दामाद तो शहीद हो ही गए, लेकिन बेटी को जिंदगी भर का गम मिल गया। ऐसे ही सरकारें हाथ बांधे रहीं तो फिर क्या होगा।

 
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martyr ajay kumar
एक बार तो आ जा मेरे लाल, बेटी का क्या होगा
प्रियंका की मां धर्मवीरी अजय की मां कमलेश से लिपटकर रोने लगी। सुबकते हुए बस इतना ही कहा कि एक बार तो अपने लाल से कह दो वापस आ जाए। मेरी बेटी का क्या होगा। उसके बच्चे का क्या होगा। दामाद के पार्थिव शरीर को देखकर ससुर सेवाराम और उनकी पत्नी धर्मवीरी फफकने लग गए। पूरा मंजर देखकर हर कोई रो पड़ा। कहीं मां अपने बेटे को याद करके रो रही थी तो कहीं पर महिलाएं बेसुध बहन और पत्नी को संभाल रहीं थीं।

 
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फाइल फोटो - फोटो : अमर उजाला
बदला लेने पर पूरी होगी शहादत
अजय के पिता वीरपाल सिंह ने फफकते हुए कहा कि जवानों की शहादत तभी पूरी होगी, जब पाकिस्तान से बदला लिया जाएगा। बेसुध हो चुकीं अजय की पत्नी प्रियंका ने कहा कि भारत मां के लाल शहीद हो रहे हैं, अब तो सरकार को कुछ सोचना ही होगा। इस मौके पर डीएम अनिल ढींगरा, डीआईजी अखिलेश कुमार, मेरठ कैंट से ब्रिगेडियर सुधीर मलिक, गढ़वाल रेजीमेंट के कर्नल प्रणव प्रसून, मेजर राणा और बड़ी संख्या में सैनिक अधिकारी और जवान मौजूद रहे।
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शहीद अजय कुमार - फोटो : अमर उजाला
तिरंगा लेेकर उमड़ा युवाओं का सैलाब  
शहीद अजय कुमार की अंतिम यात्रा पतला स्थित आईटीआई के खेल मैदान पर पहुंची तो हर तरफ युवाओं का सैलाब उमड़ आया। हाथों में तिरंगा लिए युवाओं ने अजय की शहादत को सलाम कर नारेबाजी शुरू कर दी। भीड़ इतनी रही कि सेना के अफसरों-जवानों को अंतिम सलामी देते वक्त कई बार पीछे हटाना पड़ा।  बसा टीकरी के अजय कुमार के शहीद होने की खबर आसपास इलाके में जिसने भी सुनी वो सुबह आईटीआई के खेल मैदान पर पहुंच गया।
 

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शहीद अजय कुमार - फोटो : अमर उजाला
हजारों की भीड़ में युवाओं की तादात नब्बे फीसदी नजर आई। जोश से इतना लबरेज दिखे कि तिरंगा लेकर मैदान में बने हॉल की छत पर चढ़ गए। नारेबाजी शुरू कर दी। अंत्येष्टि के दौरान भीड़ इतना आगे पहुंच गई कि सेना के अफसरों को पुलिस अफसरों से कहकर उनको पीछे हटवाना पड़ा। सेना के अफसरों-जवानों ने उनको अंतिम सलामी दी तो पूरे खेल मैदान में हर तरफ से यही गूंजने लगा कि ‘भारत माता की जय’, ‘अजय कुमार अमर रहें’, ‘हिंदुस्तान जिंदाबाद’, ‘पाकिस्तान मुर्दाबाद’। 

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martyr ajay kumar
चारों तरफ से एक ही नारा, बदला लो 
बसा टीकरी गांव में मंगलवार को हर जुबां पर बस बदला लेने का नारा था। महिलाओं, लोगों और बच्चों का यही कहना था कि पाकिस्तान से बदला लो। हमें सरकार की आर्थिक सुविधा नहीं चाहिए। हम तो झोपड़ी में गुजर बसर कर लेंगे। लेकिन हमारे लाल की शहादत व्यर्थ नहीं जानी चाहिए। शहीद अजय कुमार के घर पर सुबह से भीड़ उमड़ी थी। लोगों का गुस्सा सरकार पर था।

 

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martyr ajay kumar
वह कहते कि जम्मू कश्मीर में सेना के जवान आतंकियों से मुकाबला कर रहे हैं। रोजाना बार्डर से मनहूस खबर आती है, इसके बावजूद भी सरकार पाकिस्तान के खिलाफ कड़ी कार्रवाई नहीं कर रही। बयान बाजी की जरूरत नहीं। अब जवाब देने का नंबर है। लोगों ने कहा कि आरक्षण व आर्थिक मदद की कोई देश को जरूरत नहीं है। वह तो झोपड़ी में अपना गुजारा कर लेंगे। लेकिन पाकिस्तान से बदला लो। इस दौरान चारों तरफ हिंदुस्तान जिंदाबाद और पाकिस्तान मुर्दाबाद के नारे लग रहे थे। 
 

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शहीद अजय कुमार - फोटो : अमर उजाला
कश्मीर हमारा तो अधिकार क्यों नहीं हमारे  
जांबाज अजय कुमार की शहादत को नमन करने गांव बसा टीकरी गांव पहुंचे राजनैतिक दलों के नेताओं को ग्रामीणों ने घेरने का प्रयास किया। तीखे सवाल किए। पूछा कि जब जम्मू कश्मीर हमारा है तो अधिकार हमारे क्यों नहीं है। इस सवाल का जवाब ग्रामीण बार-बार भाजपा नेताओं से पूछते रहे। इसको लेकर कई बार ग्रामीण उत्तेजित होकर नेताओं को बंधक बनाने की बात कर रहे थे। पुलिस अधिकारियों ने हस्तक्षेप कर ग्रामीणों को समझाया।
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शहीद अजय कुमार का अंतिम संस्कार - फोटो : अमर उजाला
शहीद अजय कुमार को श्रद्धांजलि देने के लिए भाजपा, सपा, बसपा, रालोद आदि दलों के नेता बसा टीकरी गांव में पहुंचे। वहीं अजय के मौसेरे भाई टीटू ने नेताओं को खरीखोटी सुनाई। टीटू ने कहा कि नेताओं को सिर्फ वोट मांगनी आती है। लोगों के जवाब देने नहीं आते। जांबाजों को दुश्मन मार रहे है और नेता चुप्पी साधे हैं। 
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