इनके अलावा फार्माकोलॉजी के सहायक आचार्य के दो पद, फोरेंसिक मेडिसिन में एक पद, कम्यूनिटी मेडिसिन के दो पद, सामान्य मेडिसिन के पांच पद खाली हैं। इतना ही नहीं, न्यूरोलॉजी में सहायक आचार्य का एक पद, टीबी एंड चेस्ट में आचार्य और सहायक आचार्य एक-एक पद, मानसिक रोग विशेषज्ञ के दो पद, बच्चा रोग विशेषज्ञ के छह पद खाली चल रहे हैं। एनाटोमी (मानव संरचना) और माइक्रोबायोलॉजी में दो पद, फिजियोलॉजी, बायोकेमिस्ट्री में एक-एक पद खाली हैं।
रोज तीन हजार मरीज आते हैं ओपीडी में
मेडिकल कॉलेज में हर रोज ढाई से तीन हजार मरीज ओपीडी में आते हैं। 250 से 300 मरीज भर्ती रहते हैं। शीतकालीन अवकाश के लिए 16 दिसंबर से कुछ चिकित्सक 15 दिन की छुट्टी पर जा भी चुके हैं, बाकी के अब जाएंगे। चिकित्सकों के जाने से हर साल मरीजों की परेशानी बढ़ जाती है।
नहीं होने देंगे इलाज प्रभावित
शीतकालीन अवकाश पर जाने वाले चिकित्सकों के रिलीवर नियुक्त किए जाएंगे। यह हर साल की व्यवस्था है। वैसे भी यह हेल्दी सीजन माना जाता है और इसमें सामान्यत: मरीजों की संख्या कम हो जाती है। इलाज प्रभावित नहीं होने देंगे।
-डॉ. आरसी गुप्ता, प्राचार्य, मेडिकल कॉलेज
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