फिरोज के पकड़े जाने के बाद यह बात सामने आई कि पुलिस घर में तलाशी लेती तो नईम भी पकड़ा जा सकता था। इस दौरान भीड़ और फिरोज के परिजनों ने पुलिस से हाथापाई कर दी और नईम छत के रास्ते से कूदकर फरार हो गया।
सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक नईम का फिरोज से नजदीकी संपर्क रहा है। पहले भी हथियारों की सप्लाई करता रहा है। फिरोज का आतंकी नईम से कनेक्शन कैसे जुड़ा और कब जुड़ा इसके लिये उसकी व परिवार वालों की कुंडली पुलिस खंगाल रही है।
पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक फिरोज का नेटवर्क पहले ही कई जिलों में सक्रिय था और अब नईम से नाम जुड़ने के बाद माना जा रहा है कि फिरोज ने नईम की टीम में अपने कई और भी जोड़ दिये हैं। पुलिस के अनुसार फिरोज लगभग तीन साल पहले करनावल में एक गाड़ी में साथियों सहित भारी मात्रा में हथियारों सहित पकड़ा गया था। इसके बाद अब और नया मामला जुड़ने से फिरोज ने पुलिस के सिर का बड़ा दर्द बन गया है।
एनआईए ने की थी घेराबंदी
एनआईए ने पांच दिन पहले एटीएस के साथ मिलकर किठौर के राधना गांव में नईम की तलाश् में घेराबंदी की थी। दबिश के दौरान एसपी देहात राजेश कुमार कई थानों की फोर्स के साथ खुद मौजूद थे। उसके बाद नईम की एक वीडियो भी वायरल हुई जिसमें नईम खुद को बेकसूर बता रहा है। एनआईए और पुलिस के डर के कारण नईम के परिवार के पुरूष भी फरार हो गये हैं।
झूठी अफवाह फैलाई
नईम और फिरोज का आपस में कोई कनेक्शन पुलिस की जांच में नहीं आया है। पुलिस से भीड़ ने फिरोज को छुड़ा लिया था, इस मामले में सरूरपुर थाने में मुकदमा भी दर्ज किया गया था। लेकिन फिरोज के घर में नईम नहीं था, किसी ने अफवाह फैलाई है। -राजेश कुमार, एसपी देहात