लखनऊ तक इस मामले की गूंज हुई। जिससे स्थानीय लोगों, छात्राओं के परिजनों द्वारा आकोश व्यक्त किया गया। जनप्रतिनिधियों द्वारा भी इस मामले में नाराजगी व्यक्त की थी। जिलाधिकारी ने इस मामले में सीडीओ की अध्यक्षता में जांच समिति का गठन किया। बीएसए आशा चौधरी से भी स्पष्टीकरण मांगा गया। वार्डन के खिलाफ भी कार्रवाई की गई थी। इस पूरे प्रकरण में संयुक्त शिक्षा निदेशक मेरठ मंडल को जांच अधिकारी बनाया गया है।
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वार्डन पूनम शर्मा ने बताया कि बुधवार दोपहर 12 बजे लंच टाइम में सभी बच्चे खाना खाने के लिए अंदर गए तो उनकी गिनती की, उसमें 12 साल की छात्रा नहीं मिली। वह बल्ली लगाकर दीवार लांघकर चली गई। सूचना पर नायब तहसीलदार मुकेश सैनी, बीएसए आशा चौधरी मौके पर पहुंची और सीसीटीवी फुटेज देखी। उसके एसडीएम दीपक माथुर, एडीओ प्रदीप शर्मा, बीईओ त्रिवेंद्र कुमार पहुंचे और छात्रा की तलाश में जुटे। बताया गया है कि छात्रा अपने घर पहुंच गई थी।
खंड शिक्षा अधिकारी त्रिवेंद्रम कुमार ने बताया कि स्टाफ से लापरवाही के लिए स्पष्टीकरण मांगा जा रहा है। मध्य अवकाश के दौरान सारा स्टाफ खाना खाने के लिए बैठ गया था। बच्चियों पर ध्यान दिया जाना चाहिए था।