सत्यम रस्तोगी ने नाक रगड़वाने के मामले में विकुल चपराणा समेत चार आरोपियों को जेल भेजा जा चुका है। इसी के विरोध में आज काजीपुर में महापंचायत बुलाई गई है।
ऊर्जा राज्यमंत्री डा. सोमेंद्र तोमर का नाम लेकर हैंडलूम व्यापारी से नाक रगड़वाने के मामले में मुख्य आरोपी विकुल को मेडिकल पुलिस ने अदालत में पेश किया। जहां से उसे 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। इसके मामले के तीन आरोपी हैप्पी भड़ाना, सुबोध यादव, आयुष शर्मा को पुलिस पहले ही जेल भेज चुकी है। वहीं, विकुल और उसके साथियों के पक्ष में रविवार को सर्वसमाज की ओर से काजीपुर में महापंचायत की जाएगी। इसके बाद पुलिस-प्रशासनिक अधिकारी-कर्मचारी भी सक्रिय हो गए।
विज्ञापन
रविवार 19 अक्तूबर को तेजगढ़ी चौराहे के पास कार पार्किंग का लेकर भाजपा नेता विकुल चपराना का शास्त्रीनगर डी ब्लाक निवासी हैंडलूम व्यापारी सत्यम रस्तोगी से विवाद हो गया था। विकुल ने रौब गालिब करते हुए व्यापारी से अभद्रता की और व्यापारी से नाक रगड़वाते हुए का एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था। मौके पर पुलिस मूकदर्शक बनी रही थी।
इसके बाद मेडिकल थाना प्रभारी शीलेश यादव को एसएसपी डा. विपिन ताडा ने निलंबित कर दिया था। इसके साथ ही लापरवाही पाए जाने पर एसएसपी ने कीर्ति पैलेस चौकी प्रभारी गौरव सिंह, चेतन सिंह, बृजेश कुमार को लाइन हाजिर पहले कर दिया था। सत्यम के भाई की तहरीर पर पुलिस ने विकुल और उसके साथियों पर मुकदमा दर्ज किया था।
जब मामले ने तूल पकड़ा तो पुलिस ने बलवा, रास्ता रोकना और तोड़फोड़ करने की धाराएं बढ़ाकर हैप्पी भड़ाना, सुबोध यादव और आयुष शर्मा को गिरफ्तार कर जेल भेजा था। अब शुक्रवार रात को विकुल चपराना को गिरफ्तार कर लिया गया। जिसको कोर्ट में पेश करने के बाद जेल भेज दिया गया है। एसएसपी डा. विपिन ताडा ने बताया कि आरोपियों के खिलाफ जल्द चार्जशीट लगाई जाएगी। कानून को अपने हाथ में लेने वालों को बख्शा नहीं जाएगा।
सर्वसमाज की आज काजीपुर में महापंचायत
जिला पंचायत सदस्य विपिन भड़ाना ने बताया कि सत्यम रस्तोगी के साथ हुई घटना के मामले में सुबोध यादव, आयुष शर्मा, और हैप्पी भड़ाना (काजीपुर) को पुलिस ने जेल भेजा है। जबकि ये सभी निर्दोष हैं। वहीं, वास्तविक रूप से घटना के लिए उतने ही जिम्मेदार दूसरे पक्ष के लोग भी है। उन्हें पुलिस ने मौके से पकड़ा और उनका मेडिकल भी कराया था।
इसके बावजूद भाजपा नेताओं के संरक्षण में दोनों को छोड़ दिया गया। पुलिस ने एकतरफा और पक्षपातपूर्ण कार्रवाई की है। अन्याय के खिलाफ अन्याय के विरोध में आज काजीपुर, जुरानपुर, फफूंदा, कुंडा, नरहड़ा, गगोल, रिठानी, घाट, गुमी, भूड़भराल, बहादरपुर आदि गांवों के प्रमुख सामाजिक व्यक्तियों से मुलाकात कर उन्हें पंचायत में शामिल होने की अपील की है।
पवन गुर्जर ने कहा कि यह लड़ाई किसी एक समाज की नहीं, बल्कि अन्याय और दबाव की राजनीति के खिलाफ पूरे सर्वसमाज की लड़ाई है। निर्दोष युवाओं को फंसाना पुलिस की निष्पक्षता पर सवाल खड़ा करता है। एडवोकेट आदेश प्रधान ने कहा पुलिस पहले सही घटना और धाराओं में विकुल को जेल भेजा था। जबकि बाद में झूठे मुकदमे दर्ज किए है।
अनुज भड़ाना ने कहा छात्र समाज किसी निर्दोष साथी के साथ अन्याय बर्दाश्त नहीं करेगा। यदि निर्दोष छात्रों को जल्द रिहा नहीं किया गया, तो यह आंदोलन बड़ा रूप लेगा। भारत भड़ाना ने कहा कि प्रशासन ने सही कार्रवाई नहीं की है, जिसका विरोध किया जाएगा। आकाश भड़ाना ने कहा कि सच्चाई को दबाया नहीं जा सकता, निर्दोषों को न्याय मिलकर रहेगा।