एनआईए गुरुवार को जिसोरा गांव से अब्दुल सत्तार को लेकर गई है। अब्दुल सत्तार गांव के मदरसे में और उसका भाई अफसार हापुड़ के पिपलेरा गांव के मदरसे में पढ़ाता था। अफसार को आईएस से संदिग्धता के चलते पकड़ा गया था। दोनों भाइयों से एजेंसी एक किताब बरामद करना चाहती है, जो उर्दू व फारसी में है।
तब मांगी गई थी रिपोर्ट
सूत्रों के अनुसार कश्मीर में सन 2007 में सेना ने एक आतंकी को गिरफ्तार किया था। जिससे सुरक्षा एजेंसियों से पूछताछ में बताया था कि वह मेरठ स्थित एक मदरसे में पढ़ता था, जहां पर लश्कर-ए-तैयबा का एक एजेंट ट्रेनिंग देने आता था। इसका खुलासा होने पर मेरठ पुलिस-प्रशासन से रिपोर्ट मांगी गई थी। रिपोर्ट में स्पष्ट हुआ था कि कश्मीर में पकड़ा गया आतंकी मेरठ के एक मदरसे में पढ़कर गया था।
वेस्ट में आईएस की गहरी जडे़ं
मेरठ से नईम, अफसार, अब्दुल सत्तार, हापुड़ से साकिब व अमरोहा से सुहेल समेत 12 लोग पकड़े जाने के बाद वेस्ट यूपी में अलर्ट जारी है। आईएस से जुड़े अफसार की निशानदेही पर धौलाना के शहजाद को एनआईए ने उठाया। शहजाद से उर्दू, फारसी में लिखी एक किताब और मोबाइल चिप बरामद करनी थी, जोकि अफसार द्वारा देनी बताई थी। किताब में क्या है, जिसकी तलाश में अब एनआईए को अब्दुल सत्तार उठाना पड़ा। चर्चा है कि आईएस के मंसूबों की कई महत्वपूर्ण जानकारी किताब और मोबाइल चिप में हो सकती है।
शहर से लेकर देश तक की ताजा खबरें व वीडियो देखने लिए हमारे इस फेसबुक पेज को लाइक करें
https://www.facebook.com/AuNewsMeerut/