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गोवंशीय पशुओं ने ठप की वेस्ट यूपी के सरकारी स्कूलों की पढ़ाई, मामले की लखनऊ तक गूंज

Fri, 18 Jan 2019 01:00 PM IST
Priyesh Mishra न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बागपत
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प्राइमरी स्कूल में गोवंशीय पशु - फोटो : अमर उजाला
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बागपत में गोवंशीय पशुओं को स्कूलों, पंचायतघरों और घेरों में बंद करने के प्रकरण की गूंज लखनऊ तक होने लगी है। स्कूलों में पशु बंद होने के कारण बच्चों की पढ़ाई बेपटरी हो गई है। ग्रामीणों का कहना है कि समस्या का समाधान होना चाहिए। अधिकतर गांवों में ग्रामीणों ने गोवंशीय पशु नहीं छोड़े हैं।

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डीएम ऋषिरेंद्र कुमार ने कहा कि सरकारी स्कूलों और धार्मिक स्थलों में गोवंशीय पशुओं को बंद करने वाले ग्रामीणों के खिलाफ कार्रवाई होगी। डीएम ने अधिकारियों को स्थलों और ऐसे गांव चिन्हित करने के निर्देश दिए हैं। सरकारी स्कूलों में बंद गोवंशीय पशुओं को ग्रामीणों ने नहीं छोड़ा। रमाला और निरपुड़ा में पंचायत कर गोवंशीय पशुओं का प्रबंध करने की मांग की।  

जिलाधिकारी ऋषिरेंद्र कुमार ने गुरुवार को कहा कि शासन व प्रशासन की छवि को खराब करने के लिए राजनीति से प्रेरित होकर जो लोग स्कूल, कॉलेज, विद्यालय, धार्मिक स्थलों पर गोवंशीय पशुओं को मनमर्जी से बंद कर रहे हैं, ऐसे लोगों को चिन्हित कर उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया जाएगा।
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गोवंश की समस्या का हल निकालने के लिए अस्थाई आश्रय स्थल बनाए जा रहे हैं और चिन्हित भी किए जा रहे हैं। जिन पर गतिशीलता के तहत काम भी चल रहा है। उन्होंने कहा जो लोग इस प्रकार की गतिविधियां कर रहे हैं, उनकी सूची तैयार कराई जाएगी।

उधर, विभिन्न गांवों में सरकारी स्कूलों में बंद गए आवारा गोवंशीय पशुओं को ग्रामीणों ने नहीं छोड़ा है। ग्रामीणों में प्रशासन के खिलाफ आक्रोश है। ग्रामीणों ने कहा यदि जल्दी ही पशुओं को गोशालाओं में नहीं भिजवाया गया तो कलक्ट्रेट, तहसील मुख्यालयों में पशुओं को बंद कर देंगे। क्षेत्र के गांव भगोट, निरपुड़ा समेत अन्य गांवों में समस्या बनीं हुई है। 

मीतली और मवी कलां में बनेगा गोवंश आश्रय केंद्र 
डीएम ऋषिरेंद्र कुमार ने कहा कि विभिन्न योजनाएं चलाकर निराश्रित एवं बेसहारा पशुओं की समस्या के निदान एवं संख्या में कमी लाने का लगातार प्रयास कर रही है। इस ज्वलंत समस्या के निराकरण के लिए प्रदेश के समस्त जनपदों के अंतर्गत समस्त ग्रामीण व शहरी क्षेत्रों में अस्थाई गोवंश आश्रय स्थल की स्थापना व संचालन नीति के लिए जमीन चिन्हित की जा रही है और मवीकलां गांव में भी जगह चिन्हित कर ली गई है। इससे निराश्रित बेसहारा गोवंशीय पशुओं को सुविधा मिलेगी। पशुपालन विभाग, कृषि विभाग, वन विभाग, पंचायती राज विभाग, ऊर्जा विभाग विभाग अपने दायित्व कर्तव्य का पालन करें।

पशु छोड़ने पर जुर्माना, हरियाणा भेजा जाएगा गोवंश 
रमाला के जिवाना गांव में संजीव चेयरमैन के आवास पर बेसहारा गोवंशीय पशुओं को लेकर बैठक हुई। इसमें निर्णय लिया गया कि यदि किसी ग्रामीण ने गोवंशीय पशु को छोड़ा तो उसे पांच हजार रुपये जुर्माना देना होगा। गांव में 50-60 गोवंशीय पशु फसलों को बर्बाद कर रहे हैं। शुक्रवार को पशुओं को पकड़ कर सरकारी स्कूल में बंद करेंगे। इसमें नीरज प्रधान, ब्रजवीर प्रमुख, सतेंद्र, मनोज, रविंद्र, पप्पू उपस्थित रहे।

वहीं रमाला गांव में बेसहारा गोवंशी पशुओं को लेकर चौपाल में पंचायत हुई। निर्णय लिया कि ग्रामीण चंदा एकत्रित कर बेसहारा गोवंशीय पशुओं को हरियाणा स्थित गौशाला में  भिजवाएंगे। सुरेंद्र प्रधान, डॉ. धर्मवीर, फेरू प्रधान, आजाद ठेकेदार, किरण प्रधान, मास्टर मान सिंह, सतीश, धर्मपाल, महक सिंह, मास्टर जयपाल, संजीव, चौधरी सत्यवीर सिंह, राजवीर सिंह उपस्थित रहे।
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डीएम से मिलने का निर्णय, पशुओं को नहीं छोड़ा 
दोघट के निरपुड़ा गांव में बेसहारा गोवंशों को लेकर किसानों की पंचायत हुई। पंचायत में किसानों ने निर्णय लिया कि 20 जनवरी को एक प्रतिनिधि मंडल रालोद के पूर्व विधायक वीरपाल राठी के नेतृत्व में डीएम से मिलेगा। तब तक गोवंश स्कूलों में ही बंद रखे जाएंगे।

इसके बाद भी समस्या नहीं सुलझाई तो किसान महापंचायत कर अगला निर्णय ले लेंगे। इसके लिए एक कमेटी भी बनाई गई है, जो इस संबंध में निर्णय लेती रहेगी। पंचायत की अध्यक्षता बाबा भोल्लर सिंह ने की। संचालन बिजेंद्र राणा ने किया। इसमें पूर्व विधायक वीरपाल राठी, नहार सिंह दरोगा, सोमपाल, अनिल, वेदू, सहेंद्र, यशपाल, सुरेंद्र, नरेंद्र, सहदेव, निश्चय राणा, हरपाल, देशपाल मौजूद रहे।

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