न्यू अंबिका ज्वेलरी शॉप से पहले भी एडीजी ने रिठानी और गांधी आश्रम के पास हेमेंद्र राणा की दुकान पर जाकर पड़ताल की थी। छानबीन के दौरान कई महत्वपूर्ण जानकारी पुलिस अधिकारियों को मिली। बदमाश कोई सुबूत नहीं छोड़ते हैं, जिससे पुलिस उन तक पहुंच सके। इस बार पुलिस का फोकस सिर्फ सीसीटीवी कैमरे और सर्विलांस के माध्यम से संदिग्ध नंबरों की पड़ताल पर है। बुधवार को दिनभर नौचंदी थाना पुलिस, एसओजी व सर्विलांस की टीम घटनास्थल के आसपास लगी रही।
सुरंग बंद कराई, चांदी की घड़ी मिली
पुलिस ने पीयूष गर्ग की दुकान में होने वाली सुरंग की जांच की। यहां चांदी की एक घड़ी मिली है जो बदमाशों से छूटकर गिर गई होगी। जांच के बाद सराफ ने सुरंग को फिर से सीमेंट से मजबूती से बंद करा दिया है। व्यापारी ने बताया है कि दुकान में पहले से फर्श में लोहे का जाल था। इसके बावजूद सुरंग कर बदमाश दुकान में घुस गए और 15 लाख कीमत के जेवरात लेकर फरार हो गए। यह बात बदमाश लिखकर भी गए है कि फर्श बहुत मजबूत था।
नाले में भी कोई साक्ष्य नहीं मिला
जांच करने पहुंचे एसओजी प्रभारी योगेंद्र सिंह ने बताया कि दुकान से करीब 100-100 मीटर दोनों तरफ जांच की गई। बदमाश दुकान के सामने बने नाले के जरिये घुसे और सुरंग बनाकर चोरी की। नाले में करीब तीन फीट गहरा पानी और गंदगी रहती है। आश्चर्य की बात कि बदमाश दुकान में घुसे, लेकिन वहां पर कोई गंदगी नहीं मिलीं है। फर्श साफ मिला। दुकान के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरे देखे, लेकिन रविवार और सोमवार रात कोई भी संदिग्ध युवक वहां नहीं दिखाई दिया। कोई सुबूत नहीं मिला।
यह भी पढ़ें: भाई-बहन की हत्या का मामला: 'आंखों के आंसू सूखे, अब ऊपर वाले पर भरोसा, हत्यारोपियों को फांसी देने की मांग'
दिनभर दुकान पर लगा रहा तांता
पीयूष गर्ग के पास बुधवार को दिनभर व्यापारी और लोगों का तांता लगा रहा। सुरंग करके बदमाश घुसे है, इससे सुनकर हर कोई हैरान था। जो भी व्यापारी नेता पुलिस अधिकारियों के पास जाते तो पीयूष को बुलाकर अपने साथ ले जाते। दिनभर पुलिस जांच करती रही और व्यापारी बदमाशों की गिरफ्तारी की मांग करते रहे। सुरंग करने वाले बदमाशों का पुराना रिकॉर्ड पुलिस खंगाल रही है।
यह भी पढ़ें: PHOTOS: एक ही परिवार के चार जनाजे एक साथ उठे तो रो पड़ा पूरा खुशहालपुर, शवों को देख बेहोश होकर गिरी बहन
बाहर से तो नहीं आते बदमाश
जिस तरह बदमाश सुरंग कर सराफ की दुकान पर धावा बोल रहे हैं। इससे ऐसा लग रहा है कि बदमाश दूसरे जनपद से आते हैं और फिर वारदात करके भाग जाते हैं। पुलिस की दस टीमों ने मंगलवार और बुधवार को कई लोगों से पूछताछ की। लिसाड़ीगेट, ब्रह्मपुरी और शास्त्रीनगर में संदिग्ध युवकों को उठाया गया। पुलिस को इनपुट मिला कि ये बदमाश स्थानीय की बजाय बाहर के हो सकते हैं।