मेरठ-हापुड़ लोकसभा सीट के तहत पांच विधानसभा सीटें (किठौर, मेरठ कैंट, मेरठ सिटी, मेरठ दक्षिण और हापुड़) आती हैं। इस सीट पर 11,79,121 लोगों ने मतदान किया। मेरठ-हापुड़ लोकसभा के अलावा बागपत लोकसभा की सिवालखास, बिजनौर लोकसभा की हस्तिनापुर और मुजफ्फरनगर लोकसभा की सरधना विधानसभा क्षेत्र की मतगणना भी यहीं होगी।
2019 के लोकसभा चुनाव की बात करें तो कड़ा मुकाबला हुआ था। भाजपा के राजेंद्र अग्रवाल ने 5 लाख 86 हजार 184 वोट हासिल किए थे। बहुजन समाज पार्टी के हाजी याकूब कुरैशी को 5 लाख 81 हजार 455 वोट मिले। दोनों के बीच अंत तक कड़ा मुकाबला रहा और जीत आखिरकार राजेंद्र अग्रवाल के खाते में गई।
राजेंद्र अग्रवाल ने महज 4,729 मतों के अंतर से चुनाव जीता। कांग्रेस के हरेंद्र अग्रवाल तीसरे नंबर पर रहे थे। इस बार भी कड़ा मुकाबला देखने को मिल रहा है।
मेरठ में भाजपा की भारी मतों से जीत रही है। देश में भी भाजपा की सरकार बन रही है। लोगों से बहुत स्नेह मिला, इसके लिए सबका धन्यवाद। -अरुण गोविल, भाजपा प्रत्याशी
मेरठ-हापुड़ लोकसभा सीट पर पहली बार सपा बड़े अंतर से जीतने जा रही है। भाजपा को हराकर जनता बदलाव चाहती है। - सुनीता वर्मा, सपा
सर्वसमाज ने बड़ी संख्या में वोट किया है। बहुत मजबूती से चुनाव लड़ा है। बसपा की जीत होगी। -देवव्रत त्यागी, बसपा प्रत्याशी
सीट का राजनीतिक इतिहास
-1952 में हुए लोकसभा चुनाव में कांग्रेस के शहनवाज खान सांसद चुने गए जो लगातार 1962 तक मेरठ की सीट पर काबिज रहे। 1967 में हुए लोकसभा चुनाव में संयुक्त सोशलिस्ट पार्टी के महाराज सिंह भारती ने चुनाव जीता।
-1971 में हुए लोकसभा चुनाव में कांग्रेस ने एक बार फिर वापसी की और शहनवाज खान दोबारा सांसद चुने गए। 1977 के चुनाव में जनता पार्टी के कैलाश प्रकाश चुनाव जीतकर संसद पहुंचे।
-1980 और 1984 के चुनाव कांग्रेस के मोहसिना किदवई सांसद चुनी गईं। 1989 के लोकसभा चुनाव में जनता दल के हरीश पाल ने चुनाव जीता।
-1991, 1996 और 1998 के लोकसभा चुनाव में भाजपा ने बाजी मारी और यहां से लगातार तीन बार अमर पाल सिंह सांसद बने।
-1999 में भाजपा के हाथ से सीट चली गई और एक बार फिर कांग्रेस ने कब्जा जमाया। कांग्रेस के अवतार सिंह भड़ाना सांसद चुने गए।
-2004 के चुनाव में ये सीट बसपा की झोली में चली गई और यहां से हाजी शाहिद अखलाक जीतकर संसद पहुंचे।
-2009 के चुनाव में फिर भाजपा ने वापसी की। भाजपा के राजेंद्र अग्रवाल लगातार तीन बार चुनाव जीते। अग्रवाल 2009, 2014 और 2019 में भी सांसद बने।