पुलिस ने समझाकर कराया शांत
काफी देर तक चले हंगामे के बाद थाना प्रभारी ने कार्यकर्ताओं को समझाया। इसके बाद विक्रेता ने अपनी ठेली से राजू नानू नाम का स्टीकर हटा दिया और आगे से अपने असली नाम से ही व्यापार करने का आश्वासन दिया। सीओ ब्रह्मपुरी सौम्या अस्थाना ने बताया कि कार्यकर्ताओं को समझा-बुझाकर मामला शांत करा दिया गया है।
पहचान छिपाकर व्यापार करने पर उठा विवाद
यह घटना उस समय सामने आई जब ऑनलाइन भुगतान के जरिए विक्रेता की पहचान उजागर हुई। बजरंगदल कार्यकर्ताओं ने इसे ग्राहकों को भ्रमित करने का मामला बताते हुए विरोध दर्ज कराया।