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वायरल मामला: मेरठ का पानी ही ऐसा है ...., वीडियो छलनी कर रही दिल, देश-दुनिया में बजता है मेरठ का डंका

Thu, 30 May 2024 11:08 AM IST
Dimple Sirohi न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ

सार

मेरठ का तो पानी ही ऐसा है, यहां तो श्रवण कुभी अपने मां-बाप की पालकी को कांधे से उतार कर रख दिया था। रावण की ससुराल जो है मेरठ....। यदि आपसे भी कभी किसी ने ऐसा कहा है तो उसे ये स्टोरी जरूर शेयर करना।
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महिला का वीडियो मेरठ का इतिहास - फोटो : सोशल मीडिया व अमर उजाला
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विस्तार
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सोशल मीडिया पर इन दिनों एक वीडियो वायरल हो रहा है, जिसमें मेरठ को रावण की ससुराल और मेरठ का पानी ही ऐसा है... के रूप में दिखाया जा रहा है। वीडियो वायरल हुआ तो लोगों ने इसे हंसी-मजाक के तौर पर लिया। लेकिन जब इसकी रीच लाखों में पहुंची तो मेरठ के लोगों ने इसे ट्रोल करना शुरू कर दिया। मेरठ के लोगों का कहना है कि यहां की पहचान सिर्फ उन चीजों से नहीं है जो वीडियो में दिखाया जा रहा है। मेरठ की पहचान यहां के उद्योग, होनहार खिलाड़ियों और वीर सपूतों से भी होती है। 

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माधवपुरम के अनुज कहते हैं कि कौरवों की राजधानी हस्तिनापुर जो मेरठ का हिस्सा है, उसका दायरा अफगानिस्तान तक फैला था। श्रवण कुमार ने अपने माता पिता को पालकी से उतार कर जमीन पर रख दिया था यह भी सच है। लेकिन इन दो कहानियों की आड़ में मेरठ की बाकी कहानियों और यहां के गुणों को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। जब देश में आजादी की बात उठी तो सबसे पहले मेरठ से ही इसकी शुरुआत हुई। 10 मई 1857 को जो आजादी की चिंगारी भड़की तो पूरे देश में फैल गई।

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कैंट क्षेत्र के रहने वाले शाहिद कहते हैं कि मेरठ हुनर और साहस का अनोखा संगम है। यहां अगर ओलंपिक और एशियन गेम्स में खिलाड़ी सबसे ज्यादा पदक लाते हैं तो सबसे अधिक वीर सपूत भी इसी धरती पर पैदा हुए हैं। यहां के युवा सेना में जाने और अपनी जान की बाजी लगाने से पीछे नहीं हटते।

कारगिल युद्ध में परमवीर चक्र के लिए चुने गए योद्धा मेरठ और उसके आसपास के ही थे। मेरठ अरसे से शिक्षा का केंद्र रहा है। यहां अंग्रेजों के समय से मेरठ कॉलेज है, जहां से चौधरी चरण सिंह निकले और देश के प्रधानमंत्री बने। 

क्या कहते हैं मेरठ के कारोबारी
शहर मेरठ में कारपेट से लेकर ट्रांसफार्मर और ऑटोमोबाइल से लेकर दवाओं का बड़ा कारोबार है। पश्चिम उत्तर प्रदेश में मेरठ ही एकमात्र जिला है जहां 49 हजार उद्योग रजिस्टर्ड हैं और संचालित हैं। इसके अलावा बीते 15 साल में सरकार की विभिन्न योजनाओं के कारण उद्योग अपनी ऊंचाइयों को छू रहा है। - निपुन जैन, अध्यक्ष, परतापुर इंडस्टि्रयल एस्टेट एसोसिएशन

20 साल में उद्योग 1.5 गुना बढ़ गए हैं। प्रशासन, पुलिस, एमडीए, प्रदूषण नियंत्रण विभाग सभी विभागों का लाभ मिला। बीते चार साल में ऐतिहासिक विकास हुआ है। कोविड के बाद भी उद्योग ऊपर उठे हैं। विभिन्न विभागों नियमों में सरलीरकरण हुआ। इंफ्रास्ट्रक्चर बदलने से भी आयात और निर्यात में तेजी आई है। -कमल ठाकुर, संरक्षक, विश्वकर्मा इंडस्टि्रयल एस्टेट एसोसिएशन।
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एक जिला एक उत्पाद के कारण मेरठ की स्पोर्ट्स इंडस्ट्री देश ही नहीं विदेश में भी नाम रोशन कर रही है। खेल उद्योग में हम क्रिकेट ही नहीं जिम उपकरणों में भी देश भर में अपना नाम रौशन कर चुके हैं। मेरठ के जिम उपकरण उत्पादक ऑनलाइन साइट्स पर बेस्ट सेलर है। विभिन्न प्रदेश सरकार की योजनाओं के अंतर्गत मेरठ से गुणवत्ता पूर्ण माल जा रहा है। - अनिल पुंडीर, डायरेक्टर, यश स्पोर्ट्स इंडस्ट्री

मेरठ के खेल उद्योग को एक जिला एक उत्पाद में शामिल किए जाने के कारण खेल उद्योग से जुड़े लोगों को बैंक लोन के साथ विभिन्न योजनाओं का लाभ मिला। कैरम बोर्ड, टेनिस बॉल, क्रिकेट, टेबल टेनिस, जिम उपकरण, एथलेटिक्स उपकरण सहित हर क्षेत्र में बीते चार साल में ऊचाइयों को छुआ है। - अनुज सिंघल, संचालक, जेके स्पोर्ट्स इंडस्ट्री
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