लोगों को संबोधित करते जैन मुनि मैत्री प्रभ सागर महाराज
- फोटो : अमर उजाला
मेरठ में मीट फैक्ट्रियों से निकलने वाले गंदे पानी को भूगर्भ में डालने और भूगर्भ जल दूषित होने से कैंसर जैसी जानलेवा बीमारी फैलने का आरोप लगाते हुए पर्यावरण सुधार संघर्ष समिति के नेतृत्व में ग्रामीणों ने जिमखाना मैदान में मोर्चा खोल दिया।
जैन मुनि मैत्री प्रभ सागर महाराज ने कहा कि बूचड़खानों में हर रोज पशुओं को काटकर उनका खून भूगर्भ में उतारा जा रहा है। दूषित पानी को पीने से जनता कैंसर जैसी जानलेवा बीमारियों का शिकार हो रही है। शासन और प्रशासन को बूचड़खाने व मीट फैक्ट्रियां बंद कराने के लिए 72 घंटे का अल्टीमेटम है। अन्यथा कमिश्नरी चौराहे पर भूख हड़ताल शुरू करेंगे।
समिति के अध्यक्ष रविन्द्र गुर्जर ने कहा कि खरखौदा क्षेत्र की जनता दूषित पानी पी रही है। एक-एक गांव से 40-40 लोगों की मौत हो चुकी है। उन्होंने कुछ अफसरों पर मीट कारोबारियों से साठगांठ का आरोप लगाया। कहा कि इन अधिकारियों की रिपोर्ट उप्र के मुख्यमंत्री को भेजी जाएगी। शक्ति मोहन ने कहा कि मीट कारोबारियों को जान लेना चाहिए कि मेरठ की जनता हमारे साथ है।
मीट फैक्ट्रियों पर ताला लगवाकर या फिर बुलडोजर चलवाकर ही दम लेंगे। हापुड़ रोड की कृषि भूमि खत्म हो रही है। धरती मां के पेट में जहर भरा जा रहा है। पूजा बंसल ने कहा कि बूचड़खाने बंद करने की लड़ाई जिमखाना मैदान से शुरू हो चुकी है। कार्यक्रम का संचालन राजकमल ने किया।
महावीर भड़ाना, हेमसिंह, विमला, डॉ. आशु मित्तल, नगेन्द्र सिंह ने भी विचार रखे। सिटी मजिस्ट्रेट शैलेन्द्र कुमार ज्ञापन लेने पहुंचे। आश्वासन दिया कि शीघ्र ही कार्रवाई की जाएगी।