सर्द मौसम और तेज हवाओं के बीच सोमवार सुबह दस बजे तक धूल का असर ज्यादा रहा। आंखों में जलन होने के साथ ही सांस लेने में भी परेशानी हुई। मौसम विज्ञानियों ने बढ़ते प्रदूषण पर चिंता जताते हुए अंदेशा जताया है कि दिवाली तक धूल की चादर और मोटी होगी। ठंड भी बढ़ेगी। पहाड़ों पर दो दिन से हो रही बर्फबारी के कारण मैदानी क्षेत्रों में ठंड बढ़ रही है। शनिवार को बूंदाबांदी और तेज हवाओं के चलते दिन का तापमान गिरकर 26 डिग्री के पास पहुंच गया था।
रविवार दिन में मौसम गर्म होने से तापमान 29.5 डिग्री सेल्सियस रहा था। लेकिन रविवार देर शाम से ही हवा की रफ्तार तेज हो गई। सोमवार तड़के करीब चार बजे से धूल का असर ज्यादा रहा। जिसके चलते टहलने निकले लोगों ने आंखों में जलन होने और सांस लेने में दिक्कत लेने की बात कही।
मौसम विज्ञानियों के अनुसार दो दिन पूर्व धूल का असर दिल्ली एनसीआर से कम होने के बाद अब फिर से प्रदूषण का मानक बढ़ रहा है। पिछले वर्षों की अपेक्षा बीते अक्तूबर माह में सर्दी का असर जल्दी दिखाई दिया। फिर नवंबर की शुरुआत में भी तापमान गिर रहा है। अधिकतम तापमान 26.1 डिग्री व न्यूनतम तापमान 15.3 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड किया गया।
दिन का तापमान 3.4 डिग्री गिरा है। मौसम वैज्ञानिक डॉ. यूपी शाही के अनुसार मौसम में नमी ज्यादा बढ़ गई है, जिस कारण से सुबह के समय कोहरा और धूल का असर दिखाई दिया। ऐसे मौसम में आंखों में जलन होती है और सांस लेने में भी दिक्तत रहती है। अभी ठंड और बढेगी।