कैंट में बेसहारा घूम रही गायों के मामले में डीएम दीपक मीणा ने कान्हा उपवन पर जांच बैठा दी है और नगर निगम से गोवंशों का रिकार्ड मांग लिया है। जवाब तीन दिन में देने की बात कही है। इसके बाद निगम के अधिकारियों ने संरक्षित गोवंशों की लिखापढ़ी जुटानी शुरू कर दी है।
कैंट इलाके में कान्हा उपवन के संरक्षित गोवंश बेसहारा घूमते मिले थे। इस मामले को अमर उजाला ने प्रमुखता से प्रकाशित किया। इस पर डीएम दीपक मीणा ने जांच बैठा दी है। डीएम ने बताया कि परतापुर स्थित भूड़बराल में नगर निगम ने कान्हा उपवन बनाया है, जिसका लेखाजोखा निगम के अधिकारियों के पास है।
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कान्हा उपवन की गाय कैंट में घूमती मिलने से निगम अधिकारियों की भूमिका पर सवाल उठे हैं। पशु कल्याण अधिकारी डॉ. हरपाल सिंह ने बताया कि कान्हा उपवन में करीब 1200 संरक्षित गोवंश हैं।
प्रत्येक गोवंश की देखरेख और खाने में 67 रुपये खर्च होते हैं। तीस आउटसोर्स कर्मचारियों की कान्हा उपवन में तैनाती है, जोकि गोवंश की देखरेख करते हैं। डीएम का कहना कि संरक्षित गोवंश के मामले में लापरवाह अधिकारियों पर कार्रवाई करेंगे।