दामोदर कॉलोनी सहकारी समिति के अध्यक्ष योगेश त्यागी, सेवानिवृत्त ग्रुप कैप्टन शिवेंद्र बैंबी, डॉ. विश्वजीत बैंबी ने बताया है कि इस कॉलोनी को वर्ष 1966 में आवास एवं विकास परिषद लखनऊ के अंतर्गत स्थापित किया गया था। कॉलोनी में प्लॉटों का आवंटन दामोदर सहकारी आवास समिति लिमिटेड मेरठ के माध्यम से किया गया था। कॉलोनी में दो पार्क विकसित किए गए, जिनमें से एक पार्क लगभग 7000 वर्ग गज क्षेत्र में फैला है।
कई वर्षों से भूमाफिया इस पार्क पर कब्जा करने का प्रयास कर रहे हैं। कॉलोनी से बाहर के लोग अब फर्जी समिति बनाकर उसके चुनाव कराने के बहाने पार्क पर कब्जे का प्रयास कर रहे हैं। बृहस्पतिवार को बाहरी लोगों द्वारा पार्क में टेंट लगाकर समिति के चुनाव कराए जा रहे थे।
इस पर कॉलोनी के लोगों ने हंगामा किया। शिकायत पर महापौर हरिकांत अहलूवालिया व अपर नगर आयुक्त लवी त्रिपाठी अपनी टीम के साथ पहुंचे। उन्होंने लोगों से पूरे मामले की जानकारी ली। लोगों ने दामोदर कॉलोनी को निगम से हस्तांतरित करने की मांग की तो नगर निगम अधिकारियों ने कार्रवाई करने का आश्वासन दिया।
लोगों ने जिलाधिकारी से शिकायत करके कहा कि बाहरी लोगों को पार्क पर कब्जा करने से रोका जाए। इस दौरान निकुंज गर्ग, डॉ. नीरज गर्ग, अनिल राजौर, डॉ. पंकज मित्तल, सीए वासु गुप्ता, डॉ. रोहित कांबोज और अमित त्यागी एडवोकेट आदि मौजूद रहे।
15 दिन में डीएम ने कोर्ट में रिपोर्ट
दामोदर कॉलोनी में निगम की जमीन का मामला कोर्ट में विचाराधीन है। जमीन पर कब्जा करने को लेकर 2010 से कोर्ट का स्टे है। बताया गया कि कोर्ट से स्टे के बावजूद भी एक बिल्डर ने उक्त जमीन पर हाउसिंग सोसाइटी बना दी। निगम की जमीन पर प्लॉट काट दिए। इसकी शिकायत भी निगम पक्ष ने कोर्ट में की थी।
गुरुवार को कोर्ट में इसकी सुनवाई हुई। कोर्ट ने नगर निगम की बेशुमार कीमती जमीन पर कब्जा होना बताकर नाराजगी जताई। कोर्ट ने 28 अगस्त की तारीख शीर्ष मामले के लिए निर्धारित की है। कोर्ट ने जमीन बेचने के लिए दामोदर हाउसिंग सोसाइटी के विरुद्ध अवमानना कार्यवाही शुरू करने के आदेश में अपनी आपत्ति व्यक्त की है। जिला मजिस्ट्रेट को आदेश दिए है कि 15 दिन में अपनी जांच रिपोर्ट कोर्ट के समक्ष देंगे।