कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने कहा कि है। देश का भरोसा पीएम नरेंद्र मोदी और प्रदेश का भरोसा मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर है। योगी सरकार ने इस साल गन्ने के मूल्य में 40 रुपये प्रति क्विंटल की वृद्धि की है।
प्रदेश के कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने कहा कि राहुल गांधी, ममता बनर्जी और अन्य विपक्षी दल रिपोर्ट कार्ड की बात करते हैं लेकिन जनता उनका रिपोर्ट कार्ड देख चुकी है। भाजपा सरकार का वास्तविक रिपोर्ट कार्ड किसानों के खेतों में बढ़े उत्पादन, कृषि शिक्षा के विस्तार और किसानों की बढ़ती आय के रूप में दिखाई देता है। शाही बृहस्पतिवार को सरदार वल्लभ भाई पटेल कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय में हुई मीडिया से बात कर रहे थे।
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उन्होंने कहा कि जनता केवल राजनीतिक बयानबाजी नहीं बल्कि विकास और सुशासन के आधार पर फैसला करती है। देश का भरोसा पीएम नरेंद्र मोदी और प्रदेश का भरोसा मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर है। केंद्र और प्रदेश सरकार ने किसानों के हितों के साथ-साथ देश की सीमाओं की सुरक्षा के लिए भी प्रभावी कार्य किए हैं।
उर्वरकों का पर्याप्त भंडार उपलब्ध, किसान न घबराएं
कृषि मंत्री ने किसानों से रासायनिक उर्वरकों के अत्यधिक प्रयोग से बचने और प्राकृतिक खेती और जैविक संसाधनों को अपनाने की अपील की। उन्होंने कहा कि भारत सरकार खेत बचाओ अभियान चला रही है। एक जून से 30 जून तक प्राकृतिक खेती और संतुलित उर्वरक उपयोग के लिए विशेष जागरूकता अभियान चलेगा। प्रदेश के करीब एक हजार स्थानों पर कार्यक्रम होंगे।
उन्होंने बताया कि प्रदेश में वर्तमान में 29.53 लाख मीट्रिक टन उर्वरकों का पर्याप्त भंडार उपलब्ध है। किसानों को घबराने की जरूरत नहीं है। सभी किसानों को समय पर खाद उपलब्ध कराई जाएगी। उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों और युद्ध जैसे हालात को देखते हुए उर्वरकों का संतुलित और वैज्ञानिक उपयोग आवश्यक है। अनावश्यक प्रयोग से किसानों की लागत बढ़ती है और भूमि की गुणवत्ता भी प्रभावित होती है।
गन्ना मूल्य बढ़ने से लाखों किसानों को लाभ
कृषि मंत्री ने कहा कि योगी सरकार ने इस वर्ष गन्ने के मूल्य में लगभग 40 रुपये प्रति क्विंटल की वृद्धि की है। इससे पश्चिमी उत्तर प्रदेश के लाखों किसानों को लाभ मिला है। उन्होंने किसानों को सहफसली खेती अपनाने की सलाह दी। उन्होंने गन्ने के साथ मूंगफली और अन्य फसलों की खेती करने का आह्वान किया। साथ ही दलहन और तिलहन उत्पादन में आत्मनिर्भरता हासिल करने के लिए अरहर जैसी फसलों का रकबा बढ़ाने पर जोर दिया।
कृषि विश्वविद्यालयों को 372 करोड़ की सहायता दी
शाही ने कहा कि प्रदेश सरकार ने चार नए कृषि महाविद्यालयों को मंजूरी दी है। कृषि विश्वविद्यालयों को 372 करोड़ रुपये की सहायता प्रदान की गई है। महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए नियमित प्रशिक्षण कार्यक्रम संचालित किए जा रहे हैं। प्रेसवार्ता में कुलपति डॉ. त्रिवेणी दत्त, प्रेस प्रवक्ता डॉ. आरएसएस सेंगर, आईआईएफएसआर के निदेशक डॉ. सुनील कुमार, रितुल सिंह सहित अन्य मौजूद रहे।