पुलिस लाइन में प्रेसवार्ता करते नवागत एसएसपी राजेश पांडेय और पीछे खड़े आरोपी
- फोटो : अमर उजाला
सीओ एसटीएफ बृजेश सिंह ने बताया कि आरोपी अक्षय चौधरी फिलहाल मोदीनगर की डिफेंस कॉलोनी में रह रहा है। अक्षय ने हिमांशु उर्फ नरसी को फोन करके बुलाया। इसके बाद सारे दोस्त मिले। पहले परतापुर बाईपास पर सड़क किनारे कार खड़ी करके बीयर पी। उसके बाद हाइवे पर लूट का प्लान बनाया। हाइवे पर दुल्हन की सजी गाड़ी देखते ही वरना गाड़ी में सवार सूरज ने उनके पीछे गाड़ी दौड़ा दी। सिवाया टोल पार करते ही बदमाशों ने मटौर गांव के सामने ओवरटेक कर उनको घेर लिया।
बाल सुधार गृह में बिगड़ा हिमांशु
लूट के मामले में हिमांशु उर्फ नरसी साल 2013 में मेरठ बाल सुधार गृह में बंद था। इस दौरान उसने इनामी मोनू अछरौड़ा के साथ पुलिस वाहन से भागने का प्रयास किया था। बाल सुधार गृह में में वह कई बार बवाल भी कर चुका है। वहां से छूटने के बाद हिमांशु ने लूट करने के लिए अपना गैंग बनाया। यह गैंग हाइवे पर अक्सर लूट की वारदात को अंजाम देता था। पुलिस ने उसकी तलाश में पहले भी कई जगहों पर छापामारी की।
हाइवे पर कर चुके हैं कई लूट
एसटीएफ के मुताबिक आरोपियों ने बताया कि 24 फरवरी को इस गिरोह ने परतापुर बाईपास स्थित बिगबाइट होटल के पास व्यापारी पवन को गोली मारकर उनकी वरना कार लूटी थी। उससे पहले ये गैंग दो और कार हाइवे पर लूट चुका था। पुलिस ने लूट की वरना गाड़ी, एक तमंचा, दुल्हन के जेवरात (कान का झुमका, पांच चांदी की अंगूठी) और स्विफ्ट गाड़ी समेत अन्य सामान बरामद किया।
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