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Meerut: शहर में इस जगह पर हुई सबसे ज्यादा आतिशबाजी, पांच साल का तोड़ा रिकॉर्ड, ऑनलाइन हुई पटाखों की डिलीवरी

Wed, 22 Oct 2025 11:02 AM IST
मोहम्मद मुस्तकीम मोहित कुमार, मेरठ

सार

प्रशासन ने केवल ग्रीन पटाखे बेचने की अनुमति दी थी, लेकिन सामान्य आतिशबाजी सस्ती होने के कारण खूब बिकी और चलाई गई। इस कारण प्रदूषण में भी इस बार इजाफा हुआ और आदेश हवा हो गए। 
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दीपावली पर पटाखे चलाते हुए लोग।
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विस्तार
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एनसीआर में बढ़ते प्रदूषण को देखते हुए पटाखों पर रोक के आदेश जिले में दिवाली पर हुई जमकर आतिशबाजी के धुएं में उड़ गए। पिछले पांच साल में इस बार सबसे ज्यादा आतिशबाजी हुई। क्षेत्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने इस बार भी आठ इलाकों में दिवाली से पहले व अगले दिन ध्वनि प्रदूषण के आकंड़े जुटाए। शहर का पॉश इलाका शास्त्रीनगर सबसे प्रदूषित रहा। यहां 84.8 डेबिसल ध्वनि प्रदूषण रहा।
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दूसरे नंबर पर बेगमपुल रहा। यहां ध्वनि प्रदूषण 82.6 डेसिबल रहा। सबसे कम ध्वनि प्रदूषण 66.2 डेसिबल कैंट अस्पताल के पास रहा है। प्रशासन ने ग्रीन पटाखों की अनुमति दी थी लेकिन प्रतिबंधित पटाखे भी खूब बिके और जमकर छोड़े गए। कई स्थानों पर खुलकर प्रतिबंधित पटाखों की बिक्री हुई। कुछ विक्रेताओं ने परिचितों के जरिये व्हाट्सएप पर ऑनलाइन ऑर्डर बुक किए। इसके बाद पटाखों की होम डिलिवरी की।
 

पिछले चार साल का दीपावली पर्व पर ध्वनि प्रदूषण
स्थान                 2021, 2022, 2023, 2024
कैंट हॉस्पिटल     64.2 6.7 68.6 58.4
कमिश्नरी चौराहा 76.5 69.3 70.1 66.4रेलवे रोड 80.1 78.7 76.4 75.3
बेगमपुल            83.4 82.9 84.7 82.9                                                            
थापर नगर         84.7 73.6 75.2 78.4शास्त्री नगर 72.1 73.3 76.5 75.2
कैंट बोर्ड           63.1 71.9 68.7 76.6
पल्लवपुरम        75.8 78.6 77.9 68 4
 

यह है मानक
स्थान             सुबह 6 से रात 10 तक रात 10 से सुबह छह बजे तक
सेंसिटिव एरिया             50.00                         40.00
रेजिडेंशियल             55.00                         45.00
कॉमर्शियल             65.00                         55.00
इंडस्टि्रयल             75.00                         70.00
नोट - सभी आंकड़े डेसिबल में है।
 

2025 में ये रहा दीपावली से पहले और दीपावली पर हाल
स्थान             20 अक्तूबर, 13अक्तूबर
कैंट अस्पताल             66.2 57.8
कमिश्नरी चौक             68.2 59.7
रेलवे रोड             78.5 68.2
बेगमपुल             81.4 77.3                                                
थापर नगर             82.6 65.9
शास्त्री नगर             84.8 67.5
कैंट बोर्ड             65.3 58.6
पल्लवपुरम             73.2 65.3
 
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ये बोले अधिकारी
शहर में आठ जगह पर जांच कराई गई है, कुछ जगह पर प्रदूषण में बढ़ोत्तरी हुई। कुछ जगह पर कम रहा। प्रदूषण बढ़ने का कारण पटाखे ही नहीं अन्य चीजें भी है। इस बार शास्त्रीनगर सबसे अधिक ध्वनि प्रदूषण दर्ज किया गया। पिछले साल से कहीं पर ज्यादा तो कहीं पटाखों का शोर कम दिखा है। दिनों में भी प्रदूषण लेकर पर्यवेक्षण जारी रहेगा।
- भुवन प्रकाश यादव, क्षेत्रीय प्रदूषण नियंत्रण अधिकारी


 
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