विश्व शांति का दिया संदेश
हरपाल नाथ का कहना है कि वर्तमान समय में दुनिया के कई हिस्सों में तनाव और संघर्ष का माहौल है। ऐसे समय में उन्होंने विश्व शांति, मानव कल्याण और सुख-समृद्धि की कामना के साथ यह कठिन तपस्वी यात्रा करने का संकल्प लिया है। उनका कहना है कि यह यात्रा किसी व्यक्तिगत उपलब्धि के लिए नहीं, बल्कि समाज में शांति और सद्भाव का संदेश देने के उद्देश्य से की जा रही है।
पहले भी पूरी कर चुके हैं दो कठिन यात्राएं
हरपाल नाथ इससे पहले भी दो घुटनों के बल धार्मिक यात्राएं पूरी कर चुके हैं। पहली यात्रा उन्होंने हरिद्वार से फिरोजपुर महादेव तक लगभग 125 किलोमीटर की दूरी 21 दिनों में तय की थी। इसके बाद उन्होंने हरिद्वार से नेपाल स्थित पशुपतिनाथ मंदिर तक की दूसरी यात्रा 381 दिनों में पूरी कर श्रद्धालुओं का ध्यान आकर्षित किया था।
क्षेत्रवासियों ने दी शुभकामनाएं
तीसरी बार और भी लंबी तथा कठिन यात्रा पर निकल रहे हरपाल नाथ को क्षेत्र के लोगों ने शुभकामनाएं दी हैं। लोगों ने उनकी यात्रा के सफल और सुरक्षित समापन की कामना करते हुए इसे आस्था, धैर्य और संकल्प का अनूठा उदाहरण बताया।