मेरठ में कर चोरी का खेल पकड़ने के लिए जीएसटी विभाग की टीम ने छापा मारने का अभियान शुरू किया है। टीम ने मेरठ और बागपत में 40 फर्जी फर्मों को पकड़ा है। दस्तावेजों में दिए गए पतों का सत्यापन किया गया तो पता चला कि ऐसे उद्योग और कारोबार मौके पर संचालित ही नहीं हो रहे हैं। अब ऐसी ही अन्य फर्मों की जांच के लिए अभियान जारी रहेगा। यह अभियान 30 जून तक चलेगा।
दरअसल, मेरठ, बागपत सहित अन्य जिलों में फर्जी फर्मों के जरिए कर चोरी का खेल पकड़ने के लिए कुछ कंपनियों को चिह्नित किया गया था। पहले करीब 850 कारोबारी चिह्नित किए गए। इसके बाद इनमें से 450 फर्मों से जुड़े व्यापारियों का सत्यापन अब शुरू किया गया है। दस्तावेजों में दर्ज पतों पर जो फर्म संचालित नहीं हैं, अब उनके बारे में यह जानकारी जुटाई जा रही है कि किस स्तर तक कर चोरी की गई है। इसका आंकलन किया जा रहा है।
जीएसटी की टीम ने सोमवार को मेरठ और बागपत में विभिन्न स्थानों पर सघन चेकिंग की। इसमें पंजीकरण के समय दर्शाए गए पतों के आधार पर फर्मों का सत्यापन शुरू किया गया। टीम के मुताबिक, उन फर्मों की जांच पहले की जा रही है, जिन पर बड़े स्तर पर कर चोरी का संदेह है। यह कार्रवाई शुरू होते ही कर जमा करने वालों की संख्या भी बढ़ने की संभावना है। जांच के दौरान दस्तावेजों और बिलिंग में कई तरह की गड़बड़ियां मिली हैं।
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मेरठ और बागपत क्षेत्र में 450 से अधिक फर्मों को चिह्नित करने के बाद अभियान चलाया जा रहा है। इनमें 40 फर्जी फर्म सामने आई हैं। ऐसे मामलों में दस्तावेजों में हेराफेरी और र कर चोरी का आंकलन कर आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।
- एमपी सिंह, कमिश्नर, जीएसटी
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