25 की जगह दो ट्रक ही भेज रहे
गांधी ट्रांसपोर्ट के संचालक दीपक गांधी ने बताया कि जो पहले जो ट्रांसपोर्टर 25 ट्रक तक भेज रहे थे, उनके ट्रक दो तक सिमट गए हैं। दिल्ली से माल आने भी समस्या आ रही है।
भाड़े में नहीं हुआ इजाफा
डायमंड ट्रांसपोर्ट के संचालक दीपक रहलन ने बताया कि फरवरी 2021 में माल भाड़ा बढ़ाया गया था। इसलिए अब भाड़ा नहीं बढ़ाया गया है, लेकिन ट्रांसपोर्टरों को नुकसान हो रहा है। वर्तमान में दिल्ली में 10 टायरा ट्रक भेजने का भाड़ा नौ हजार रुपये है। जयपुर के लिए भाड़ा 23 हजार, मुंबई के लिए 55 हजार, अहमदाबाद के लिए 40 हजार और चेन्नई के लिए भाड़ा औसतन एक लाख रुपये है।
लॉकडाउन बढ़ा तो ठप हो जाएगा कारोबार
गायत्री ट्रांसपोर्ट के संचालक सुरेंद्र शर्मा ने बताया कि पिछले साल से ट्रकों की संख्या कम हो गई है। ज्यादातर ट्रक फाइनेंस पर हैं। कुछ ट्रक की 80 हजार रुपये प्रतिमाह तक किश्त जाती है। प्रतिदिन वर्ष 10 टायरा ट्रक का 12 हजार रोड टैक्स देना पड़ता है। इसके अलावा मेंटीनेंस, इंश्योरेंस, परमिट, डीजल सहित अन्य खर्च से काफी नुकसान उठाना पड़ता है।
आवश्यक वस्तु हुई महंगी, सप्लाई में देरी
एक तरफ जम्मू, हिमाचल, बिहार और पूर्वांचल के मजदूर संपूर्ण लॉकडाउन की आशंका से लौट रहे हैं। ऐसे में ट्रांसपोर्ट में लोडिंग अनलोडिंग की समस्या बढ़ रही है। खाद्यान सहित फल, सब्जी और दवाओं की सप्लाई भी प्रभावित हो रही है। पहले सामान की आपूर्ति तीन से चार दिन में हो रही थी तो अब 10 से 15 दिन तक लग रहे हैं।