यादगारपुर, मोहनपुरी कई इलाकों में तीन दिन से पानी नहीं आने के कारण लोग सड़कों पर उतर आए। लोगों ने नगर निगम पर टैक्स लेने, मगर सुविधाएं नहीं देने का आरोप लगाया। नगर निगम ने काम शुरू कराया तो भीषण जाम लग गया।
जेल चुंगी चौराहे के पास पानी की पाइप लाइन फटने से यादगारपुर, मोहनपुरी सहित करीब एक लाख की आबादी को पेयजल नहीं मिला। मोहनपुरी के लोगों ने मंगलवार को हंगामा कर दिया। निगम ने टैंकर भेजकर पानी की आपूर्ति कराई। पाइप लाइन को ठीक कराने के लिए निगम ने सड़क पर गड्ढा खोद दिया। इससे यहां पर भीषण जाम लग गया।
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पुलिस को तेजगढ़ी से रूट डायवर्ट करना पड़ा। पार्षदों का कहना है कि मोहनपुरी में तीन दिन से पानी की किल्लत है। मंगलवार को पूरी व्यवस्था चौपट हो गई। लोगों ने निगम अफसरों को फोन किया, लेकिन सुनवाई नहीं हुई।
पानी न मिलने से परेशान मोहनपुरी के लोग।
- फोटो : अमर उजाला
गेल गैस कंपनी के कर्मचारी रविवार को रात में पाइप लाइन की मरम्मत कर रहे थे। इसी दौरान जेल चुंगी चौराहे के पास गंगाजल की पाइप लाइन टूट गई। मंगलवार को पानी नहीं पहुंचा तो आसपास के लोगों ने हंगामा करना शुरू कर दिया। वार्ड-44 के पार्षद उत्तम सैनी ने बताया कि मोहनपुरी, जगन्नाथ पुरी, विकास विहार, शिवाजी रोड, नई मोहनपुरी, हनुमानपुरी में तीन दिन से पानी की परेशानी हो रही है। जनता परेशान है और निगम के अफसर उनका फोन नहीं उठा रहे हैं।
नगर निगम के टैंकर से पानी लाते बच्चे।
- फोटो : अमर उजाला
पार्षद संजय सैनी ने कहा कि पांडवनगर सहित कई इलाकों में पानी नहीं पहुंचने पर लोगों में नाराजगी है। निगम ने खानापूर्ति के लिए टैंकर भेजकर पेयजल की व्यवस्था करने का प्रयास किया। लोगों ने कहा कि गृहकर और पानी का टैक्स देते हैं, लेकिन निगम उनको सुविधा मुहैया नहीं करा रहा है।
पार्षद हर्षपाल सिंह ने बताया कि पानी की परेशानी होने पर तुरंत नगर निगम के अफसरों को बताया गया। कई जगह पानी न पहुंचने पर लोगों ने निगम के प्रति नाराजगी जताई। मंगलवार दिनभर लोगों में इसको लेकर आक्रोश रहा। बताया जा रहा कि पाइप लाइन फटने के चलते करीब एक लाख घरों में पानी की सप्लाई बंद है।
रात में ही कर्मचारियों को लगाया
जल महाप्रबंधक अपर नगर आयुक्त पंकज कुमार ने बताया कि पानी की पाइप लाइन फटने की जानकारी लगने पर सोमवार रात से निगम की टीम लगी है। पार्षद संजय सैनी, उत्तम सैनी और हर्षपाल को साथ लेकर मुआयना किया। पानी की समस्या को देखते हुए वार्डों में टैंकर भेजकर पेयजल की व्यवस्था की गई। पाइपलाइन के अत्याधिक प्रेशर के कारण जिन ट्यूबवेलों को गंगाजल लाइन की आपूर्ति को तेज करने हेतु जोड़ा गया था, उन्हें भी अस्थायी रूप से बंद कराना पड़ा।