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यूपी: किडनी ट्रांसप्लांट के नाम पर मरीजों से वसूल रहे बड़ी रकम, ऐसे सामने आया फर्जीवाड़ा

Tue, 25 Dec 2018 02:16 PM IST
Dimple Sirohi वाहिद अली, अमर उजाला, मेरठ
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kidney racket
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यूपी के मेरठ में किडनी प्रत्यारोपण के नाम पर मामूली सर्जरी कर 14 लाख रुपये हड़पने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। सोमवार को सीएमओ कार्यालय पहुंचे पीड़ित पक्ष ने बताया कि महिला मरीज को प्रत्यारोपण का झांसा देकर तीन दिन तक निजी अस्पताल में भर्ती रखा। हालत बिगड़ने पर जब मरीज को दूसरे अस्पताल ले गए तो इस फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ। पता चला है कि ऐसा गैंग सक्रिय है जो किडनी संबंधी मरीजों को कॉल कर किडनी प्रत्यारोपण के नाम पर इसी तरह फंसा रहा है। 
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हापुड़ रोड़ निवासी डेयरी संचालक हाजी अकरम के अनुसार उनकी बहन तबस्सुम की शादी करीब पांच साल पूर्व श्यामनगर में हुई थी। दो साल पहले उनको किडनी की शिकायत होने लगी। कुछ दिनों तक कोलकाता में भी इलाज चला।
 
करीब तीन माह पूर्व उनकी मुलाकात हापुड़ रोड स्थित एक अस्पताल के संचालक से हुई। संचालक और डाक्टरों ने उनसे किडनी प्रत्यारोपण कराने को कहा। ऑपरेशन दिल्ली में करना तय हुआ। आरोप है कि 14 लाख रुपये एडवांस रकम जमा करने के बाद संचालक और डॉक्टर अपनी बात से मुकर गए।
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लो बदल दी किडनी
हाजी अकरम का आरोप है कि अस्पताल संचालक ने उनकी बहन का किडनी प्रत्यारोपण शहर में कराने का दबाव डाला। चूंकि पैसा एडवांस दे चुके थे इसलिए वह चुप रह गए। जिसके बाद गढ़ रोड स्थित एक छोटे से अस्पताल में मरीज को बुलाया गया। लेकिन किडनी डोनर का ब्लड प्रेशर बढ़ने की बात कहकर प्रत्यारोपण टाल दिया गया। आरोप है कि उसके कुछ दिनों बाद हापुड़ रोड स्थित अस्पताल में किडनी प्रत्यारोपण का नाटक कर तीन दिनों तक मरीज को एडमिट रखा। कहा कि किडनी बदल दी है।

पीड़ित पक्ष का दावा है कि अस्पताल में तीसरे दिन उनकी बहन के शरीर की सूजन बढ़ने लगी तो हालत गंभीर होने पर हम उसे दूसरे अस्पताल ले गए, जहां महिला का पहले इलाज चला था। वहां जांच में पता चला कि तीन दिन पूर्व किडनी प्रत्यारोपण के नाम पर पेट पर कट लगाकर टांके लगाकर एडमिट रखा गया। लेकिन किडनी प्रत्यारोपण तो हुआ ही नहीं। यह सुनकर परिजनों के पैरों तले जमीन खिसक गई। 

हंगामा हुआ तो 6 लाख लौटाए
हाजी अकरम का दावा है कि अस्पताल में हंगामा करने और आला अधिकारियों से शिकायत की चेतावनी पर 14 लाख में से छह लाख रुपये वापस कर दिए। शेष आठ लाख के चार चेक दिए गए। लेकिन वे बाउंस हो गए। अब अस्पताल संचालक तरह-तरह के बहाने बना रहा है।
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निकला दांतों का डाॅक्टर       
बताया गया कि जब महिला मरीज की हालत बिगड़ी तो पड़ताल में पता चला कि ऑपरेशन का दावा करने वाला डॉक्टर दंत चिकित्सक है। मरीजों को किडनी प्रत्यारोपण का भरोसा दिलाकर उनसे रुपये ठगने का काम किया जाता है। 

शहर में किडनी गिरोह सक्रिय
हापुड़ रोड निवासी माजिद के भाई हामिद भी किडनी मरीज हैं। उन्होंने बताया कि करीब दो माह पूर्व गढ़ रोड से उनके पास कॉल आयी थी कि आपके भाई की किडनी बदलनी है तो आकर मिलें। वे गढ़ रोड मिलने पहुंचे तो 21 लाख रुपये में प्रत्यारोपण की बात कही। लेकिन शक होने पर माजिद ने पैसे न होने की बात कहकर प्रत्यारोपण से मना कर दिया।

दोनों मामलों में अंदेशा है कि शहर में किडनी गिरोह सक्रिय है। लेकिन मामला स्वास्थ्य अधिकारियों तक नहीं पहुंचा है। माजिद ने बताया उनका मोबाइल नंबर पता नहीं कैसे इन लोगों के पास पहुंचा। आरोप है किडनी अस्पतालों से ये लोग डाटा एकत्रित कर मरीज को झांसे में लेते हैं। 
गहराई से जांच होगी
मामला बेहद गंभीर है। दोेनों अस्पतालों की जांच होगी। जांच में मामला सही पाया गया तो अस्पताल संचालकों व डाक्टर पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। -डॉ. राजकुमार, सीएमओ 
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